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लिपुलेख दर्रे से बर्फ हटाने की मांग

Mon, 20 Oct 2014 05:34 AM IST
Pithoragarh
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धारचूला (पिथौरागढ़)। तिब्बत की मंडी तकलाकोट से लौटने की तैयारी कर रहे सीमांत के व्यापारियों ने 31 अक्तूबर से पहले लिपुलेख दर्रे के पास जमा बर्फ हटाने की मांग की है। कहा बर्फ हटने से घोड़ों को आसानी से लाया जा सके। तकलाकोट में इस समय 42 भारतीय व्यापारी मौजूद हैं। वह 28 अक्तूबर से वापसी शुरू करेंगे।
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तकलाकोट मंडी से फोन पर भारत-तिब्बत व्यापार समिति के सचिव दौलत सिंह रायपा ने कहा कि व्यापारी लौटते समय घोड़ों में सामान भरकर लाते हैं। लिपुलेख दर्रे में बर्फ गिरने से घोड़ों को सामान समेत ला पाना संभव नहीं होगा। प्रदेश सरकार को तत्काल लिपुलेख में रास्ते से बर्फ हटाने के लिए कदम उठाना चाहिए। श्री रायपा ने जानकारी दी कि तिब्बत की तरफ बर्फबारी से बंद सड़क को वहां के अधिकारियों ने यातायात के लिए खोल दिया है लेकिन भारतीय क्षेत्र में पैदल रास्ता तक बंद पड़ा है।
इधर, सीमांत के व्यापारियों की तरफ से कुछ लोगों ने पिछले दिनों धारचूला दौरे पर आए मुख्यमंत्री हरीश रावत को भी रास्ते की दशा की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि 31 अक्तूबर से पहले रास्ता ठीक कर लिया जाएगा। व्यापारियों का यह भी कहना है कि गुंजी से हेलीकाप्टर सेवा मिलने पर भी उनको कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि हेलीकाप्टर से सामान ला पाना संभव नहीं होगा। भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार 31 अक्तूबर तक चलेगा। व्यापारियों को 31 अक्तूबर के बाद तकलाकोट में रहने की अनुमति नहीं मिलेगी। व्यापार संपन्न होने की तारीख नजदीक आते ही सामान की बिक्री भी तेज होने लगी है। दो नवंबर से तिब्बत गए सभी व्यापारी गुंजी पहुंच जाएंगे।
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