पिथौरागढ़। सोरवैली पब्लिक स्कूल के बाल वैज्ञानिकों ने नगर क्षेत्र के आसपास के गांवों में जाकर स्वास्थ्य के संबंध मेें आंकड़े एकत्र किए। बाल वैज्ञानिक इसी के आधार पर राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए शोधपत्र तैयार करेंगे। पानी गंदा हो जाने के कारण बीमारियां ज्यादा फैल रही हैं। अब पीलिया, टाइफाइड के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। लोगों की श्रम करने की आदत कम होती जा रही है। इससे भी बीमारियां घेर लेती हैं।
प्रधानाचार्य लीला जोशी और शिक्षक सुंदर सिंह मनौला के नेेतृत्व मेें कुसौली, पांडेगांव, बजेटी आदि गांवों मेें पहुंचे बाल वैज्ञानिकों ने लोगों के खानपान के तरीके, मौसम मेें आ रहे परिवर्तन, पेयजल का प्रदूषित होना आदि विषयों की जानकारी ली। लोगों ने बताया कि पहले गांव घरों में लोग कम बीमार होते थे। हाल के वर्षों में तरह तरह की बीमारियां आ रही हैं। कफ, बुखार जैसी बीमारियां अब आम होने लगी हैं। बाल वैज्ञानिक सौरव पोखरिया, तुषार पंत, सौरव बसेड़ा, नितिन टम्टा, मुकुल कन्याल ने लोगों को सलाह दी कि साफ पानी का प्रयोग करें। पेयजल को उबाल कर उपयोग में लाएं। पानी के स्रोतों की नियमित सफाई कर लें। बाल वैज्ञानिकों नेे कहा कि जल प्रदूषण बीमारी का सबसे पहला कारण होता है।