धारचूला (पिथौरागढ़)। बीपीएड, एमपीएड बेरोजगार संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष नम्रता बोहरा को शुक्रवार को दस अन्य साथियों के साथ पुलिस ने मुख्यमंत्री से मिलने से पहले ही हिरासत में ले लिया। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। नम्रता ने फिलहाल अपना तीलू रौतेली पुरस्कार धारचूला के उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार को सौंप दिया है ताकि वह इसे मुख्यमंत्री को लौटा दें।
नम्रता ने बताया कि वह मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्या रखने जा रही थी। साथ ही 2012 में मिले तीलू रौतेली पुरस्कार को भी मुख्यमंत्री को ससम्मान लौटाना चाहती थीं लेकिन सीएम से मिलने से पहले ही उनको थाना प्रभारी रोहताश सागर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने हिरासत में ले लिया और मुख्यमंत्री का कार्यक्रम संपन्न होने तक उनको थाने में बैठाए रखा। नम्रता ने अपना तीलू रौतेली पुरस्कार धारचूला के उपजिलाधिकारी को सौंप दिया है ताकि इसे वह मुख्यमंत्री तक पहुंचा दें। नम्रता ने दो अक्तूबर को पिथौरागढ़ में अपर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य को भी यह पुरस्कार लौटाना चाहा था लेकिन एडीएम ने कह दिया कि जिसने यह पुरस्कार दिया है उसी को लौटाया जाए।
नम्रता ने कहा कि बीपीएड और एमपीएड बेरोजगारों को नौकरी देने की मांग को लेकर उनकी लड़ाई जारी है। सरकार चाहे कोई हथकंडा अपना ले लेकिन वह आंदोलन से पीछे हटने वाली नहीं हैं।