फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यारसा गंबू की बिक्री की नीति बनाए सरकार

Mon, 20 Oct 2014 05:34 AM IST
Pithoragarh
विज्ञापन
विज्ञापन
पिथौरागढ़। उत्तराखंड जनमोर्चा ने यारसा गंबू की बिक्री की नीति न बनाए जानेे पर घोर आपत्ति जताई है और 18 अक्तूबर को इस मुद्दे पर धारचूला में उपजिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन का फैसला लिया है। जनमोर्चा का कहना है कि एक तरफ वन विभाग यारसा गंबू की निकासी के लिए वन पंचायतों को परमिट जारी करता है। दूसरी तरफ वह यारसा गंबू ले जाने वालों को गिरफ्तार कर लेता है। वन विभाग और प्रशासन बताए कि कड़ी मेहनत के बाद यारसा गंबू की निकासी के बाद इसे लोग कहां ले जाएंगेे।
विज्ञापन

जनमोर्चा के केंद्रीय संयोजक जगत मर्तोलिया ने कहा है कि राज्य गठन के 14 साल बाद भी यारसा गंबू की निकासी की व्यवस्था न करना सरकार की कमजोरी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों का दुर्भाग्य है कि वह निकासी के बाद जब कहीं उसे बेेचनेे ले जाते हैं तो पुलिस पकड़ लेती है। माल भी जब्त कर लेती। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार को इस बात की शर्म आनी चाहिए कि वह अब तक यारसा गंबू को वन्य जीव, औषधि या फिर वनस्पति किसी भी रूप मेें घोषित नहीं कर पाई है। श्री मर्तोलिया ने कहा कि यारसा गंबू बिक्री की नीति बन जाती तो उत्तराखंड को करोड़ों का राजस्व मिल जाता। उन्होंनेे कहा कि इस मुद्दे पर 18 अक्तूबर को धारचूला में प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने जानना चाहा है कि यारसा गंबू को बिक्री के लिए लेे जाने वाला व्यक्ति कैसे तस्कर हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें