पिथौरागढ़। कांग्रेस विधायक मयूख महर के निकट प्रतिद्वंद्वी रहे भाजपा प्रदेश महामंत्री प्रकाश पंत ने विधायक महर के आंदोलन को महज नौटंकी करार दिया है। कांग्रेस विधायक अपनी राजनीतिक जमीन को खिसकती देख इस तरह का पालीटिकल स्टंट अपना रहे हैं।
मंगलवार को लोनिवि के निरीक्षण भवन में पत्रकार वार्ता के दौरान श्री पंत ने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले पिथौरागढ़ विधायक अपनी नाकामी को छुपाने के लिए इस तरह की रणनीति अपना रहे हैं। उन्होंने कहा विधायक महर 25 सितंबर तक आंवलाघाट पंपिंग योजना का काम शुरू होने की बात कह रहे हैं, लेकिन हम उन्हें 2 अक्तूबर तक का समय देते हैं। अगर दो अक्तूबर तक आंवलाघाट पंपिंग योजना, बेस अस्पताल और इंजीनियरिंग कालेज का काम शुरू नहीं हुआ तो वह पूरे विधानसभा क्षेत्र की जनता को साथ लेकर गांधी जयंती के दिन कलक्ट्रेट में धरना देंगे। श्री पंत ने कहा कि पेयजल मंत्री रहते हुए उन्होंने घाट पंपिंग योजना के पुनर्गठन के लिए 5 करोड़ रुपये स्वीकृत कराए। आंवलाघाट पंपिंग योजना के लिए अगस्त 2011 में 75.70 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए, लेकिन कांग्रेस सरकार और उसके प्रतिनिधियों ने राजनीतिक लाभ के लिए इन महत्वाकांक्षी योजनाओं का काम शुरू नहीं कराया। बेस अस्पताल के काम को ढाई करोड़ रुपये खर्च हो जाने के बाद रोक दिया गया। इंजीनियरिंग कालेज के भवन के लिए भूमि हस्तांतरित हो जाने के बाद भी सरकार ने आज तक धन स्वीकृत नहीं किया।
थरकोट झील के लिए वर्ष 2007 में 36 लाख रुपये मेें जमीन खरीदी गई। रई झील की डीपीआर 2008 में बनकर तैयार हो गई। लेलू स्पोर्ट्स कालेज के लिए 50 लाख रुपये टोकन मनी के रूप में स्वीकृत हुए। इन सभी योजनाओं को सरकार ने धरातल पर नहीं उतारा। उन्होंने कहा कि जब ढाई साल गुजर जाने के बाद भी विधायक को अपनी कुछ उपलब्धि नहीं दिख रही तो इस तरह की नौटंकी कर रहे हैं। वार्ता में जगजीवन कन्याल, गिरीश जोशी, गोपू महर आदि मौजूद थे।