पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री हरीश रावत के धारचूला विधानसभा क्षेत्र में उनके निर्वाचन के बाद पहले आंदोलन का ऐलान कर दिया गया है। उत्तराखंड जनमोर्चा ने 18 अगस्त को धारचूला के गलाती गांव में जन पंचायत लगाने का फैसला लिया है और उसके बाद आंदोलन शुरू हो जाएगा।
जनमोर्चा संयोजक जगत मर्तोलिया ने बताया कि धारचूला विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री के निर्वाचित होने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य व्यवहार में कोई अंतर नहीं आया है। मुख्यमंत्री देहरादून में बैठकर सिर्फ बातें बनाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल जून से गलाती ग्राम पंचायत और उसके अंतर्गत आने वाले गांवों की बिजली सप्लाई अव्यवस्थित है। इन गांवों को पहले कंज्योति परियोजना से बिजली मिलती थी लेकिन आपदा में कंज्योति परियोजना नष्ट हो गई। गलाती को रांथी से आने वाली लाइन से जोड़ा गया है लेकिन सप्लाई सामान्य नहीं हो पाई। गलाती की बिजली सप्लाई सामान्य करने की मांग को लेकर पहले भी आंदोलन हो चुका है।
कहा कि मुख्यमंत्री नौकरशाहों को सुधरने की हिदायत तो दे रहे हैं लेकिन उनके विधानसभा क्षेत्र की जमीनी हकीकत क्या है, इसका भी पता लगा लें। उन्होंने कहा कि धारचूला विधानसभा क्षेत्र में कोई भी अधिकारी जनता की समस्या हल करने की ओर ध्यान नहीं देता।