थल (पिथौरागढ़)। थल-पिथौरागढ़ सड़क पर गड्ढों को पाटने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की कंस्ट्रक्शन विंग ने जो मिट्टी डाली थी वह अब लोगों के लिए दोहरी आफत का कारण बन रही है। धूप के समय सड़क से धूल के गुबार उड़ते हैं तो हल्की बारिश होते ही सड़क कीचड़ से पट जाती है। सड़क पर लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
थल से सातशिलिंग को जाने वाली सड़क पर पिछले पांच साल से डामर नहीं हुआ है। पहले किया हुआ डामर उखड़ गया है। सड़क पर गड्ढे बन जाने से एडीबी ने उनको पाटने के लिए मिट्टी डाल दी। पिछले दिनों इस मिट्टी से धूल के गुबार उड़ने लगे। अब बारिश होते ही कीचड़ से आफत पैदा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तत्काल डामर करना संभव नहीं था तो मिट्टी डालकर लोगों के लिए आफत पैदा नहीं करनी चाहिए थी। बताया गया है कि एडीबी को थल से पिथौरागढ़ तक 50 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण और हॉटमिक्स का काम मिला हुआ है। जब से एडीबी को यह काम मिला लोनिवि ने सड़क की देखरेख पूरी तरह छोड़ दी।
एडीबी के सहायक अभियंता बीएन गोस्वामी का कहना है कि सड़क के चौड़ीकरण और हाटमिक्स का काम जल्दी शुरू किया जाएगा। उसके बाद सड़क की हालत काफी हद तक सुधर जाएगी। कुछ समय तक लोगों को दिक्कत रहेगी लेकिन बाद में सड़क दुरुस्त हो जाएगी।