नाचनी (पिथौरागढ़)। नदियों से पानी लिफ्ट करके पेयजल योजनाएं बनती रहती हैं पर डीडीहाट का पेयजल निगम रामगंगा नदी में कुआं खोदकर लिफ्ट पेयजल योजना बनाने जा रहा है। कुआं आधारित पेयजल योजना की खास बात यह है कि इस पानी को फिल्टर करने के जरूरत नहीं पड़ती। जमीन से नीचे सीमेंट से कवर्ड कुआं होने से नदी में आने वाली बाढ़ भी कुएं को नुकसान नहीं पहुंचा पाती।
भाजपा शासनकाल में थल की रामगंगा नदी से डीडीहाट लिफ्ट पेयजल योजना के लिए 23 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। पेयजल निगम ने टैंक आधारित लिफ्ट पेयजल योजना बनाने के स्थान पर कुआं आधारित पेयजल योजना बनाने का निर्णय लिया। वर्तमान में योजना निर्माण का काम शुरू हो गया है। इसके लिए नदी तल से 10 मीटर गहरा और इतना ही चौड़ा कुआं बनाया जा रहा है। डीडीहाट पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता रंजीत धर्मशक्तू बताते हैं कि योजना 35 हजार आबादी को ध्यान में रखते हुए बनाई जा रही है। डीडीहाट नगर और आसपास के गांवों की वर्तमान आबादी 15 हजार के करीब है।
ईई बताते हैं कि इस विधि की योजना में फिल्टर की जरूरत नहीं पड़ती। नदी में कितना ही गंदा पानी हो योजना से भूमिगत पानी विशुद्घ रूप से छना हुआ आएगा। पानी में केवल क्लोरीनेशन किया जाएगा। योजना से तीन हजार एलपीएम (लीटर पर मिनट) पानी मिलेगा। बताते हैं कि पहले चरण में कुएं का निर्माण किया जा रहा है। मई 2014 तक इसका निर्माण पूर्ण करना होगा, अन्यथा बरसात में नदी की बाढ़ किए काम को बराबर कर देगी।
दो साल का समय लगेगा योजना निर्माण में
नाचनी। थल की रामगंगा नदी से डीडीहाट के लिए बन रही पेयजल योजना के निर्माण में दो साल का समय लगेगा। ईई रंजीत धर्मशक्तू बताते हैं कि पंपों के जरिए 12 इंच की पाइप लाइन से पानी को लिफ्ट कर एक किमी दूर सत्यालगांव में बनने वाले टैंक में स्टोर किया जाएगा। दूसरा पंप पानी को चार किमी ऊपर भांतड़ पहुंचाएगा। भांतड़ से तीन किमी ऊपर साता (सानदेव) में पानी को लिफ्ट किया जाएगा। साता से पानी को लिफ्ट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गुरुत्वाकर्षण विधि से पानी को डीडीहाट पहुंचाया जाएगा।
गरमपानी में है कुआं आधारित योजना
नाचनी। इस तरह की योजनाएं अभी उत्तराखंड में केवल छह बनी हैं और पूरी तरह सफल हैं। पेयजल निगम डीडीहाट के ईई रंजीत धर्मशक्तू बताते हैं कि कोसी नदी से नैनीताल के गरमपानी के लिए कुआं आधारित योजना बनी है। कोसी में कई बार बाढ़ आई, लेकिन योजना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।