पिथौरागढ़। सीमांत इंजीनियरिंग कालेज में चल रहे छात्र आंदोलन को समाप्त करने के लिए बृहस्पतिवार को निदेशक की ओर से बुलाई गई बैठक में कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकल पाया। बैठक में पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने निदेशक से कहा कि यदि उनके स्तर से समस्या हल नहीं हो पा रही है तो कुलपति या रजिस्ट्रार को यहां बुलाया जाए और कालेज में चल रहे संशय के माहौल को समाप्त किया जाए। एक तरफ बैठक चल रही थी और दूसरी तरफ छात्रों ने धरना कार्यक्रम जारी रखा।
इंजीनियरिंग कालेज के छात्र इस संस्थान को एआईसीटीई की मान्यता दिए जाने की मांग को लेकर एक दिसंबर से आंदोलन के रास्ते पर हैं। छात्रों का कहना है कि बिना एआईसीटीई की मान्यता के इस संस्थान से प्रशिक्षण लेने का कोई फायदा नहीं है।
निदेशक प्रो. बीके सिंह की ओर सेे बुलाई गई बैठक में पिथौरागढ़ जनमंच के संयोजक भगवान रावत और पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र रावत ने निदेशक से कहा कि तत्काल अनिश्चतता का माहौल समाप्त किया जाए। छात्र छात्राओं का संशय दूर करने के लिए सक्षम अधिकारी को यहां बुलाया जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में ज्यादा हीलाहवाली करना ठीक नहीं है क्योंकि सैकड़ों छात्रों का भविष्य इससे जुड़ा है। इधर, निदेशक प्रो. सिंह ने कहा कि कल शुक्रवार से कक्षाओं के संचालन का प्रयास किया जाएगा। जो छात्र छात्रा कक्षाओं में नहीं आएंगे उनके खिलाफ अनुशासन की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि 22 दिसंबर को कालेज में शिक्षक अभिभावक संघ का गठन किया जाएगा ताकि इस तरह की समस्याओं को सुलझाने में आसानी हो। उन्होंने छात्र छात्राओं से अपील की कि किसी भ्रम में न पड़ें और आंदोलन का रास्ता छोड़ दें।