पिथौरागढ़। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) में आउटसोर्सिंग के जरिए की गई नियुक्तियों में धांधली को लेकर चल रहा आंदोलन अब और उग्र होने लगा है। बृहस्पतिवार को इस आंदोलन में बेरोजगारों के साथ पालिका के सभासद भी कूद गए हैं। इन लोगों ने संपूर्ण नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कराने और परीक्षा प्रणाली में अपनाई गई मनमानी को आधार मानते हुए इसे निरस्त करने की मांग की है।
प्रशिक्षित बेरोजगारों और सभासदों ने नियुक्ति के परिणाम आने के दिन से ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। बुधवार को बेरोजगारों और सभासदों ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के लिंक रोड स्थित कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और दफ्तर में तालाबंदी कर दी। बेरोजगारों तथा नौजवानों के आंदोलन को देखते हुए अब शिक्षा विभाग के अधिकारी जांच की बात करने लगे हैं। बेरोजगारों का आरोप है कि परीक्षा एक बारातघर में कराई गई, उत्तर पुस्तिका में कोई अनुक्रमांक नहीं दिया गया, परीक्षा आयोजित कराने के लिए रमसा का कोई अधिकारी मौजूद नहीं था, परीक्षा को आयोजित कराने वाले तथा उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करने वालों की योग्यता की जांच कराने की भी मांग की गई। प्रदर्शन में बेरोजगार संगठन के मंडलीय अध्यक्ष एलएम भट्ट, सभासद त्रिलोक महर, चंद्रशेखर मखौलिया, विजेंद्र महर, छात्रनेता कमलेश वल्दिया, छात्रसंघ अध्यक्ष हरीश रावत, सागर खत्री, विपिन भट्ट, निर्मल पांडे, हीरा सिंह खड़ायत, मनोज मेहता, दीपक चौहान, ललित उप्रेती आदि थे।