पिथौरागढ़। पिछले एक महीने से सात, आठ घंटे की बिजली कटौती से परेशान विभिन्न संगठनों के लोगों ने मंगलवार को सड़क में उतर कर सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी के बीच प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। जन संगठनों ने अतिरिक्त बिजली काट रहे जिले के बिजली महकमे के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा।
पिथौरागढ़ जनमंच के संयोजक भगवान रावत, नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष शमशेर महर, उत्तराखंड सिविल सोसायटी के संयोजक गोविंद सिंह बिष्ट, जिला ट्रेड यूनियन के महासचिव उमेद सिंह बिष्ट के नेतृत्व में टकाना तिराहे पर एकत्र लोगों ने बिजली कटौती को जनता और व्यवसायियों के साथ अन्याय बताते हुए सरकार का पुतला फूंका। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में बताया गया है कि बिजली कटौती से पेयजल संकट उत्पन्न होने के साथ ही वेल्डर, पेट्रोल पंप, वाहन सर्विसिंग, आटा चक्की, फर्नीचर उद्योग, सिलाई कढ़ाई केंद्र, फोटो स्टेट आदि व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं पर भी कटौती का असर पड़ रहा है। बिजली कटौती से सरकारी कार्यालयों से प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं।
इन लोगों ने जिले के बिजली महकमे पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि लाइन और ट्रांसफार्मरों में तकनीकी खराबी के कारण तीन के स्थान पर 8 घंटे की कटौती जिले में की जा रही है। इस पर रोक नहीं लगी तो बिजली विभाग के दफ्तर में तालाबंदी करने के साथ ही अधिकारियों को बंधक बनाया जाएगा।