पिथौरागढ़। सेना भर्ती के मानकों में फेरबदल की आशंका को लेकर इंकलाबी नौजवान सभा और आल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) ने बुधवार को कलक्ट्रेट में धरना देकर विरोध जताया। राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में भर्ती मानकों में फेरबदल होने पर युवाओं में आक्रोश पनपने की बात कही गई है।
इंकलाबी नौजवान सभा के जिला प्रभारी सुशील खत्री के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे लोगों ने धरना देने के साथ ही सेना भर्ती मानकों में फेरबदल की आशंका को लेकर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कहा है कि उत्तराखंड के पर्वतीय इलाके के युवाओं के लिए सेना रोजगार का प्रमुख माध्यम रहा है। देश की आजादी के बाद हुए किसी भी संघर्ष में बलिदान देने वालों में पहाड़ के युवा हमेशा आगे रहे हैं। यही कारण है कि देश के पहले महावीर चक्र विजेता के साथ ही तमाम गौरवशाली पदक यहां के युवाओं ने सेना में तैनात रहते हुए प्राप्त किए हैं। भारतीय सेना के इतिहास में पहाड़ का गौरवशाली पक्ष रहा है।
कहा है कि मीडिया के माध्यम से सामने आ रहा है कि सेना में भर्ती के लिए पूर्व में निर्धारित 40 प्रतिशत अंकों की बाध्यता को अब 50 प्रतिशत किया जा रहा है। प्रत्येक विषय में 32 प्रतिशत अंकों के स्थान पर 40 प्रतिशत अंक करने की तैयारी है। इसी प्रकार दौड़ का निर्धारित समय भी कम करने की बात हो रही है। कहा कि यदि ऐसा हुआ तो पहाड़ के युवाओं का सेना में भर्ती प्रतिशत घटेगा, जिसे पहाड़ के युवा सहन नहीं करेंगे। इन लोगों ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर सेना भर्ती के मानक पूर्ववत रखने की मांग की है। धरने पर छात्रसंघ अध्यक्ष हेमंत खाती, पवन तिवारी, संतोष जोशी, राहुल जोशी, राजकुंवर, मुकेश कुमार, कवींद्र कार्की, पवन नाथ गोस्वामी, ललित द्विवेदी, योगेश जोशी, राजेंद्र कार्की, नवल पांडेय आदि मौजूद थे।