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आंदोलनकारी ने तहसीलदार को बैरंग लौटाया

Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
Pithoragarh
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पिथौरागढ़। शराब की अवैध धंधेबाजी पर रोक लगाने और शराबियों और जुआरियों से निजात दिलाने की मांग पर वड्डा में चल रहा संदीप गिरि का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। पिथौरागढ़ के तहसीलदार ने आंदोलनकारी को समझाने का प्रयास किया। लेकिन उन्होंने मांग पूरी होने तक आंदोलन तोड़ने से मना कर दिया। इसकी वजह से तहसीलदार को बैरंग लौटना पड़ा।
आमरण स्थल पर हुई सभा में संदीप गिरि ने कहा कि वड्डा में हो रही इस प्रकार की असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग को लेकर कई बार जिला प्रशासन से गुहार लगाई गई लेकिन प्रशासन ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए। इसी वजह से उन्हें आमरण अनशन में बैठना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की आड़ में अराजक तत्व पूरे क्षेत्र का वातावरण दूषित करने का प्रयास कर रहे है।
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आंदोलन के तीसरे दिन तहसीलदार चतुर सिंह बिष्ट ने संदीप गिरि से आमरण अनशन तोड़ने की अपील की। जिसे संदीप ने ठुकरा दिया। आंदोलन को सुवाकोट की ग्राम प्रधान बिमला सौन, जाख पंत के ग्राम प्रधान रघुवीर राम, सिलौनी के ग्राम प्रधान राजेंद्र प्रसाद, रिसायी की ग्राम प्रधान सावित्री खड़ायत, लेलू के ग्राम प्रधान नंदन राम सामाजिक कार्यकर्ता रघुवीर सिंह, रवि भंडारी, भुवन चंद्र जोशी महेंद्र कांडपाल, महेंद्र सिंह डगराल, भूपाल गिरी, ललित गिरी, महेंद्र सिंह डगराल, विक्रम गिरी आदि ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया।
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