पिथौरागढ़/डीडीहाट/थल/नाचनी/चंपावत/टनकपुर/बनबसा। जिले के कई हिस्सों में लगातार बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। करीब आधा दर्जन रोड घंटों बंद रही। पिथौरागढ़-मुवानी, थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग पूरी तरह बंद हो गई है। खेतों के अलावा कई मकानों में भी मलबा आ गया है।
पिथौरागढ़-मुवानी रोड मध्यान्ह 12 बजे से बंद हो गया। बारिश से रोड की दीवार गिर गई है। दीवार ढहने से न केवल रोड बंद हो गई है बल्कि सड़क का काफी हिस्सा खतरे की जद में आ गया है। थल-डीडीहाट मोटर मार्ग में लेपार्थी के पास मलबा आने से रात 11 से सुबह नौ बजे तक मार्ग बंद रहा। थल-नाचनी मोटर मार्ग में घटीगाड़ के पास भी मलबा आया।
डीडीहाट-आदिचौड़ा, डीडीहाट-दूनाकोट मोटर मार्ग भी बंद है। लोनिवि के अवर अभियंता दिनेश रावल ने बताया कि रोड को खोलने के लिए जेसीबी भेजी गई है। लेकिन खबर लिखे जाने तक मार्ग नहीं खुल सका था। डीडीहाट-पम्स्यारी मोटर मार्ग में रोड को काफी नुकसान हुआ है।
दीवान राम, गोपाल राम, नरी राम, भवानी राम के खेत ध्वस्त हो गए हैं। फसल को नुकसान साथ ही मकान को भी खतरा। तराली गांव में भी दुश्वारी हो रही है।
उधर, चंपावत में जिला मुख्यालय में शनिवार को सुबह नौ बजे से मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। करीब दो घंटे तक चली बारिश के दौरान लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। जिला मुख्यालय के आसपास के सभी नदी, नाले उफान पर आ गए हैं। कुछ हिस्सों में हल्के स्तर के भूस्खलन भी हुए हैं। बारिश से यहां अधिकतम तापमान में करीब दो डिग्री सेंटीग्रेड तक गिरावट आ गई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में फिर से मध्यम और तेज बारिश की संभावना जताई है।
अचानक बारिश के जोर पकड़ जाने पर जिला प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बरतने के निर्देश जारी कर दिए हैं। आपदा नियंत्रण कक्ष को अलर्ट कर दिया गया है और आपदा से संबंधित हर प्रकार की सूचना को एकत्र करने को कहा गया है। मौसम विभाग के निदेशक डा. आनंद शर्मा ने बताया कि अभी मानसून की सक्रियता बनी हुई है। अगले कुछ दिनों तक बारिश का क्रम जारी रहेगा।
टनकपुर और बनबसा में मूसलाधार बारिश ने पूर्णागिरि धाम का मार्ग बाधित कर दिया है। ठुलीगाड़ के समीप सड़क में पहाड़ी का मलबा आने से आवाजाही बंद हो गई है। शुक्रवार की रात हुई जबरदस्त मूसलाधार बारिश से जहां टनकपुर एवं बनबसा में कई स्थानों पर जलभराव की समस्या पैदा हो गई है, वहीं टनकपुर पूर्णागिरि मार्ग भी बाधित हो गया है। ठुलीगाड़ पुल के समीप पहाड़ी का भारी मलबा आने से सड़क बंद हो गई है। प्रशासन सुध ले या न ले, लेकिन टैक्सी चालक खुद मलबा हटाकर मार्ग खोलने के प्रयास में जुटे हुए हैं। मार्ग बंद होने से मां पूर्णागिरि के दर्शन को जाने वाले यात्रियों के साथ ही पूर्णागिरि क्षेत्र के लोगों को ठुलीगाड़ से आगे 8 से 11 किलोमीटर की दूरी पैदल नापनी पड़ी। इधर शुक्रवार को उफनाई शारदा नदी का जलस्तर देर शाम खतरे के निशान से नीचे आ गया है। बनबसा बैराज में घोषित रेड अलर्ट हटा लिया गया है।
भूस्खलन से खतरे की जद में आया ओड़ गांव
डीडीहाट। तहसील से लगा ओड़ गांव खतरे की जद में है। ग्राम प्रधान भागीरथी देवी का कहना है कि 26 परिवारों वाले इस गांव में पिछले काफी समय से लगातार भूस्खलन हो रहा है। इस बीच बारिश से पेयजल योजना भी ध्वस्त हो गई है। स्कूल जाने वाला रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया है। लोगों का कहना है कि 2007 से लगातार राहत की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया। उधर डीडीहाट नगर पंचायत के जीआईसी वार्ड की नई बस्ती में पुरानराम का मकान खतरे की जद में आ गया है।