थल (पिथौरागढ़)। गोचर के महिला अस्पताल में प्रसव न होने से आशा कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। कहा है कि अस्पताल में प्रसव कराने की व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
2003 में स्थापित इस अस्पताल में वर्ष 2004 से महिला डॉक्टर का पद रिक्त है। 31 दिसंबर को वार्ड आया के सेवानिवृत्त होने और अस्पताल में स्थायी स्वच्छक न होने के कारण महिला चिकित्सालय गोचर में प्रसव नहीं कराए जा रहे हैं। आशा कार्यकत्रियों द्वारा प्रसव के लिए लाए गए मामलों को रेफर कर दिया जा रहा है।
आशा संगठन की जिलाध्यक्ष, आशा कार्यकर्ती इंद्रा देउपा ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात करीब साढ़े नौ बजे वह कुमालगांव की पूजा देऊपा पत्नी मोहन सिंह देऊपा को प्रसव के लिए गोचर अस्पताल लेकर आईं थीं। बच्चे की धड़कन नहीं आ रही कह कर महिला को रेफर कर दिया गया। बताया कि डुंगरी गांव की आशा के तीन केस, लेजम की आशा के दो केसों सहित कई मामले रेफर किए जा चुके हैं। आशा संगठन की जिलाध्यक्ष इंद्रा देऊपा ने कहा कि 22 जनवरी को उपजिलाधिकारी डीडीहाट, उप मुख्य चिकित्साधिकारी को ज्ञापन दिया था लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आशाओं में नाराजगी है।