पिथौरागढ़। उत्तराखंड पेयजल निर्माण निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों को दीपावली से वेतन नहीं मिला है। इसके चलते कर्मी परेशान हैं। परिवार के भरण-पोषण के लिए उन्हें ऋण लेना पड़ रहा है।
पेयजल निगम के राज्य में 40 डिविजन हैं। इसके अलावा करीब आधा दर्जन उच्चाधिकारियों के कार्यालय हैं। निगम में करीब 1500 कर्मचारी कार्यरत हैं। इन कर्मियों को न तो दीपावली में वेतन मिला और न नए साल पर ही। पूरे प्रदेश के कर्मियों को भुगतान के लिए करीब 10 करोड़ की आवश्यकता है। अकेले पिथौरागढ़ शाखा में वेतन, भत्तों के भुगतान के लिए 60 लाख रुपये की जरूरत है। निगम को पेंशनर्स का भी भुगतान करना होता है।
धनराशि नहीं मिलने से अधिकारी, कर्मचारी परेशान हैं। उन्होंने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए ऋण लेना पड़ रहा है। पेयजल निर्माण निगम राज्य का अकेला निर्माण निगम है। इसके बावजूद शासन की ओर से इसकी उपेक्षा की जा रही है। उत्तराखंड पेयजल निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता एसोसिएशन के क्षेत्रीय अध्यक्ष कुमाऊं आरएस धर्मशक्तू का कहना है कि वेतन और भत्तों का भुगतान नहीं होने से कर्मियों को काफी परेशानी हो रही है।