पिथौरागढ़। नेपाल के साथ भारत के रोटी-बेेटी के रिश्ते हैं। इन रिश्तों को रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्यों ने नेपाल से आई एक प्रसव पीड़िता की जान बचाकर और अधिक मजबूत बनाया। ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
नेपाल की बाजुरा जिला टमटन गांव निवासी प्रेम सिंह की पत्नी सीता देवी को महिला अस्पताल में प्रसव के लिए 15 अक्तूबर को भर्ती किया था। जांच करने पर महिला का बी नेगेटिव ब्लड होने की बात पता चली। पति ने रेडक्रॉस सोसायटी की मदद ली। रेडक्रॉस सोसायटी के एमसी पंत ने इस ग्रुप के रक्तदाता को ढूंढने का प्रयास किया। खून नहीं मिलने पर डॉक्टरों ने महिला को हल्द्वानी रेफर कर दिया।
बाद में जीआईसी के शिक्षक संजय दताल की मदद से कुमौड़ निवासी कमल बिष्ट, दुर्गा धामी से संपर्क हुआ। खून मिलने के बाद अस्पताल की महिला चिकित्सक डॉ.भागीरथी गर्ब्याल एवं निश्चेतक डॉ. रजनी बोरा की टीम ने सीता देवी का सफल ऑपरेशन किया। सीएमएस डॉ.जेएस नबियाल ने बताया जच्चा बच्चा की हालत अब ठीक है।