फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

थल को अलग विकासखंड का दर्जा दो

विज्ञापन
विज्ञापन
थल (पिथौरागढ़)। थल को अलग विकासखंड का दर्जा देने की मांग को लेकर शुक्रवार को यहां लोगों ने प्रदर्शन किया और मांग की कि 1952 तक जो विकासखंड कार्यालय यहां पर चलता था उसे फिर से बहाल किया जाए।
विज्ञापन


विकासखंड संघर्ष समिति के बैनर तले एकत्र लोगों ने कहा कि थल कस्बा आज दो विकासखंडों के बीच में झूल रहा है। यदि यहां पर विकासखंड कार्यालय खुल जाए तो यह समस्या दूर हो जाएगी। थल को विकासखंड का दर्जा देने संबंधी प्रस्ताव 1990 में शासन को भेजा गया था। प्रस्ताव में उल्लेख किया गया था कि 1952 तक सक्रिय विकासखंड कार्यालय को बंद करने का कारण स्पष्ट किया जाए और इसका अस्तित्व फिर से बहाल किया जाए।

संघर्ष समिति के अध्यक्ष राम सिंह जंगपांगी ने कहा कि थल कस्बे के चारों ओर 600 गांव हैं। यदि यहां पर विकासखंड कार्यालय खुल जाए तो इन गांवों में विकास का सही लाभ मिलने लगेगा। उन्होंने कहा कि 1990 में जब विकासखंड का प्रस्ताव भेजा गया था तब कार्यालय की स्थापना के लिए लोगों ने जमीन उपलब्ध कराने की भी पेशकश की थी। अब भी लोग जमीन देने को तैयार हैं। प्रदर्शन में संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष दान सिंह बिष्ट, महासचिव सलीम अहमद, भूपेंद्र पांगती, प्रांजल पाठक, सुंदर लोहनी, गोविंद पाठक, जगदीश कार्की, तरुण पंत आदि थे।
विज्ञापन


बता दें कि थल के पुराने बाजार का हिस्सा इस समय बेड़ीनाग विकासखंड में और नए बाजार का हिस्सा डीडीहाट विकासखंड में हैं, इससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें