नाचनी (पिथौरागढ़)। शासन से सिंचाई योजना की मंजूरी के बाद भी हुपली के किसान बारिश के पानी पर ही निर्भर हैं। शासन ने 23.8 लाख रुपये की सिंचाई हाइड्रम योजना की मंजूरी तो दे दी, लेकिन रकम मात्र 2.7 लाख ही दी। इससे योजना का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
अतीत में हुपली में काफी अच्छी खेती होती थी। हाल के वर्षों में पानी की कमी का असर खेती पर पड़ा है। गांव के 120 परिवार बारिश के पानी से ही खेतों में रोपाई लगाते हैं। दिन हो या रात बारिश होने पर हुपली के लोग बैलों की जोड़ी के साथ खेतों में पहुंचकर रोपाई लगाने में जुट जाते हैं। वर्ष 2015 में हुपली के किसानों की दिक्कतों को देखते हुए शासन ने हाइड्रम योजना को मंजूरी दी। योजना के निर्माण की जिम्मेदारी लघु सिंचाई विभाग को दी गई।
विभाग ने पंप और कुछ उपकरणों की खरीद कर ली, लेकिन अवशेष रकम न मिलने से योजना का निर्माण नहीं हो पाया। हुपली के लोगों की रोपाई आज भी बारिश के पानी पर ही निर्भर है। ग्राम प्रधान गोविंद सिंह चुफाल कहते हैं कि कई बार अवशेष रकम अवमुक्त करने का मामला सरकार और जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों के सामने रखा जा चुका है, लेकिन रकम नहीं मिली।
जिला प्लान से धन की मांग की गई थी, लेकिन धन नहीं मिला। अब प्रधानमंत्री सिंचाई योजना में प्रस्ताव रखा गया है। जल्द ही योजना के लिए रकम मंजूर होने की उम्मीद है। -अभिषेक खोलिया, अधिशासी अभियंता, लघु सिंचाई।