धारचूला (पिथौरागढ़)। तवाघाट से नारायणआश्रम जाने वाली सड़क पर सीमा सड़क संगठन के मजदूर सिर्फ कैलाश मानसरोवर यात्रियों के आते-जाते समय ही नजर आते हैं। यात्री दलों के रवाना होने के बाद मजदूर दूसरे इलाकों में भेज दिए जाते हैं। इस कारण इस सड़क पर मलबा हटाने के लिए लोगों को खुद ही मशक्कत करनी पड़ती है।
बुधवार को कैलाश मानसरोवर यात्रियों का आठवां दल सुबह नारायणआश्रम को रवाना हुआ। उस समय तक मजदूर मलबा हटाने के लिए जगह-जगह तैनात थे। यात्रियों के जाने के बाद मजदूर वहां से हट गए। बताया गया कि बारिश के दौरान इस सड़क पर शाम को भारी मलबा गिर गया और यातायात बाधित हो गया।
तवाघाट-नारायणआश्रम सड़क पर कंज्योति, छिरकिला, खेत और नारायणपुल के पास आए इस मलबे को लोगों को खुद ही हटाना पड़ा। लोगों ने आसपास के गांव के लोगों से संबल, बेलचा जैसे उपकरण मांगे और मलबा हटाने में जुट गए। करीब दो घंटे बाद शाम को पांच बजे मलबा हटने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। मलबा हटाने में जुटे लक्ष्मण सिंह ने छिरकिला से फोन पर एसडीएम आरके पांडे को इस अव्यवस्था की जानकारी दी। कहा कि मौके पर किसी मजदूर का न होना गंभीर लापरवाही है।
लक्ष्मण सिंह के साथ राजेंद्र सिंह, शेर सिंह, दीपक वर्मा, धीरेंद्र पतियाल आदि ने मलबा हटाने में सहयोग किया। एसडीएम पांडे ने कहा कि सभी निर्माण एजेंसियों को वर्षाकाल में तत्काल सड़क खोलने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने इस मामले में सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों से संपर्क साधा है।