पिथौरागढ़। जीएसटी लागू हुए चार दिन बीत गए हैं, लेकिन पिथौरागढ़ बाजार में न तो किसी वस्तु के दाम बढ़े हैं और न कम हुए हैं। व्यापारी पुराने दाम पर ही सामान बेच रहे हैं। जीएसटी लगा हुआ कोई सामान अब तक यहां नहीं पहुंचा है। कुछ व्यापारी आशान्वित हैं कि सामान सस्ता होगा और उपभोक्ता को सीधा लाभ मिलेगा।
रेडीमेड कपड़ों के व्यापारी, हार्डवेयर व्यापारी, जूता व्यापारी आदि को उम्मीद है कि सामान के रेट कम होंगे। कास्मेटिक सामान बेचने वालों को आशंका है कि सामान महंगा होगा। रसोई के सामान को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने का सीधा फायदा लोगों को मिलेगा, लेकिन इस समय तेल, घी, दूध, आटा, चावल के दामों में किसी प्रकार की गिरावट नहीं है। सब्जियां मानसून सीजन में पहले से ही महंगी बिक रही हैं।
स्थानीय आलू 20 रुपये किलो तो टमाटर खुले बाजार में 80 रुपये किलो बिक रहा है। चार दिन बाद किसी भी ग्राहक ने यह नहीं कहा कि जीएसटी लागू होने से सामान सस्ता हो गया है। व्यापारियों के पास पहले से ही पुराना माल पड़ा है। नया माल किस दाम पर और कितना टैक्स लगकर आएगा यह तय नहीं है।
सी फार्म का झंझट समाप्त हुआ
रेडीमेड कपड़ा व्यापारी दीपक वर्मा इस बात से खुश हैं कि अब दूसरे राज्यों से सामान मंगाने पर सी फार्म का झंझट नहीं रहेगा। वह मानते हैं कि अब व्यापार करना आसान होगा और ग्राहकों को भी सहूलियत मिलेगी। वह अपनी दुकान से पुराने दाम पर ही सामान बेच रहे हैं।
आगे चलकर दाम कम होने की उम्मीद
सोना, चांदी व्यापारी यश चौधरी का कहना है कि सोने, चांदी के दाम सीजन के हिसाब से बढ़ते-घटते हैं। पर्वतीय अंचल में स्वर्ण व्यवसाय शादी के मौसम में ही ज्यादा होता है। इस समय पुराना दाम चल रहा है। आगे चलकर दाम कम होने की उम्मीद है।
अब कर चोरी की आशंका नहीं
जूता व्यापारी प्रकाश चंद्र भट्ट का कहना है कि व्यापारी कर की चोरी नहीं कर पाएगा। अंकित दाम के हिसाब से ही सामान बेचना पड़ेगा। अभी नया माल नहीं पहुंचा है। इस कारण पुराने दाम पर ही पुराना माल बेच रहे हैं। कीमतें कितनी गिरेंगी पता नहीं है।
अभी नया सामान नहीं पहुंचा
हार्डवेयर व्यापारी प्रकाश पंत इसी उम्मीद में हैं कि जीएसटी से ग्राहकों को फायदा होगा। सामान सस्ता होने की उम्मीद है। वह कहते हैं कि जीएसटी लागू होने के बाद यहां नया सामान नहीं पहुंचा है। दूर का जिला होने से इसमें समय लगेगा।
कास्मेटिक सामान की कीमतें बढ़ेगी
कास्मेटिक सामान के विक्रेता नीरज जोशी का कहना है कि कास्मेटिक सामान की कीमतें बढ़ेगी। जीएसटी में इनके टैक्स का दायरा बढ़ा है। यह बात अलग है कि पुराने दाम पर ही सामान बेच रहे हैं। नया सामान नहीं मिल पा रहा है। कुछ दिन का इंतजार है।
पान मसाला की कीमतें बढ़ने लगी
पान विक्रेता दामोदर कापड़ी का कहना है कि पान मसाला की कीमतें बढ़ने लगी है। हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि किन-किन वस्तुओं की कीमतें बढ़ेंगी। पुराना स्टाक उपलब्ध है, उसी को बेच रहे हैं। नया सामान आने पर स्थिति एकदम साफ हो जाएगी।