पिथौरागढ़। श्रम प्रवर्तन अधिकारी दीपक कुमार के नेतृत्व में टीम ने नगर में बाल श्रम रोकने के लिए सर्वेक्षण और चिन्हित करने का कार्य किया। इस दौरान नगर के केमू स्टेशन के एक प्रतिष्ठान में बाल श्रमिक काम करते हुए पाया गया। संबंधित व्यवसायी के खिलाफ अदालत में वाद दायर किया जाएगा।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत 30 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि बालश्रम करवाना कानूनी अपराध है। बाल श्रमिक रखने पर सेवायोजक पर 20 से 50 हजार रुपये का जुर्माना और छह माह तक कारावास या दोनों सजा से दंडित करने का प्रावधान है। अभियान के दौरान बालश्रम कराते हुए पकड़े जाने पर प्रतिष्ठान स्वामी के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी कुमार ने बताया कि अदालत में वाद दायर करने के लिए प्रपत्र तैयार किए जा रहे हैं। जल्द ही अदालत में वाद दायर किया जाएगा।
उन्होंने प्रतिष्ठान स्वामी के नाम का खुलासा नहीं किया। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बालश्रम की शिकायत उनसे अथवा पुलिस से करने की अपील की है। अभियान में बाल श्रम के खिलाफ अभियान चलाने वाले स्वयंसेवी संस्थाओं के लोग भी शामिल थे।