बेड़ीनाग क्षेत्र के लगभग 90 प्रतिशत जंगल आग की चपेट में आ चुके है। इस बार चीड़ और बांज के जंगलों में ज्यादा आग भड़की है। देवीनगर, शाहगराऊं, उडियारी बैंड, चौकोड़ी, कांडेकिरौली, राईआगर आदि कई क्षेत्रों में आग का कहर जारी है। कांडेकिरौली में जंगल की आग सूर्योदय संस्था के भवन तक पहुंची। भवन जलकर राख हो चुका है। लोगों का कहना है कि वन विभाग के कर्मचारी सूचना देने पर भी मौके पर नहीं पहुंच रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र बोरा ने बताया कि गांव के लोग आग बुझाने के लिए खुद ही जुटे हुए हैं। आज भी कई जंगलों में आग लगी रही। बेड़ीनाग वन रेंज में चीड़ के वनों की तादाद ज्यादा है। इन जंगलों में मार्च से ही आग लग गई थी।
पुलिस, एसडीआरएफ जुटी आग बुझाने में
पिथौरागढ़। जिला प्रशासन और पुलिस का दावा है कि मंगलवार को अधिकांश जंगलों की आग नियंत्रित कर दी गई है। गुरना और चंडाक के जंगलों में लगी आग को पुलिस और एसडीआरएफ की टीम के सहयोग से नियंत्रित किया गया। उपजिलाधिकारी अनुराग आर्य ने बताया कि पिथौरागढ़ रेंज में लगभग सभी जंगलों की आग कंट्रोल में है। उन्होंने कहा कि इरादतन आग लगाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। वन रेंजर दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि गांव के लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। यदि कोई जंगल में आग लगाता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सभी क्रू स्टशनों में कर्मचारी रातदिन तैनात हैं।
नाचनी घाटी में आग काफी हद तक कंट्रोल में
नाचनी (पिथौरागढ़)। ऊपरी रामगंगा घाटी में जंगलों की आग अब काफी हद तक नियंत्रण में है। चीड़ के जंगलों में पिरूल एक बार जल चुका है। पिरूल हर दस दिन बाद फिर से गिरती है। उसके बाद ही जंगलों में आग का खतरा पैदा होगा। जंगलों की आग के कारण पूरे इलाके में धुंध का असर बना हुआ है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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डीडीहाट, कनालीछीना में छिटपुट आग
डीडीहाट/कनालीछीना। डीडीहाट और कनालीछीना के छिटपुट जंगलों में अभी आग लगी है। डीडीहाट क्षेत्र में चौबाटी, स्यालवे के जंगलों में एक बार आग लग चुकी है। इस बार इलाके में बांज के जंगल भी आग की चपेट में आ गए। कनालीछीना में बिसौनाखान, लेकघाटी, सुरौली के जंगलों में दो दो बार आग लग गई है। पूरी घाटी में फैली धुंध अभी भी मौजूद है।
रुग्याती जंगल में लगी आग, एक घंटे बाद काबू पाया
थल (पिथौरागढ़)। थल-डीडीहाट सड़क से लगे वन पंचायत रुग्याती में सोमवार रात आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलते ही वन विभाग, सरपंच और ग्रामीणों ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। रुग्याती के प्रधान चंदन देउपा ने बताया कि वन पंचायत की 6 हेक्टेअर भूमि में चीड़ के वन हैं। जिसमें आग से आधे हेक्टेयर भूमि तक आग फैली। आग बुझाने में सरपंच होशियार सिंह देउपा, वन क्षेत्राधिकारी पूरन सिंह देउपा, वन दरोगा रमेश चंद्र उपाध्याय, दान सिंह, दरपान सिंह, भगवान सिंह, शिव सिंह आदि ग्रामीणों ने सहयोग दिया।