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सप्ताह भर बाद भी मजिस्ट्रेटी जांच पूरी नहीं

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पिथौरागढ़। जिला अस्पताल की एक नर्स के आत्महत्या की कोशिश और पीएमएस पर उत्पीड़न के आरोप के मामले में सप्ताह भर गुजरने के बाद भी मजिस्ट्रेटी जांच नहीं हो पाई है। इस मामले में जांच के लिए डीएम की दी समय की मियाद भी पूरी हो गई है। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया है।

जिला अस्पताल में नर्स की आत्महत्या की कोशिश और प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक पर उत्पीड़न के मामले को सप्ताह भर का वक्त बीत चुका है। लेकिन अभी तक मजिस्ट्रेटी जांच पूरी होना तो दूर संबंधित पक्षों के बयान तक दर्ज नहीं हो पाए हैं। इससे पीड़ित पक्ष में जांच को लेकर असंतोष बना है। नर्स के पिता ने समय सीमा पूरी होने के बाद भी जांच न होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने देरी को देखते हुए जांच में लीपापोती की आशंका जताई है। पीड़ित पक्ष ने जल्द से जल्द मजिस्ट्रेटी जांच और कार्रवाई की मांग की है।
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नहीं मिल पा रही है पीड़िता
जांच अधिकारी एसडीएम की दलील है कि पीड़िता अस्पताल में नहीं मिली पाई है। इसके बाद बयान के लिए इश्तेहार जारी किया है। दूसरी ओर पीड़िता के पिता का कहना है कि वह अवकाश लेकर घर पर स्वास्थ्य लाभ कर रही है। अभी तक प्रशासन ने जांच के संबंध में उनके संपर्क नहीं किया है।
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पीड़ित को समझौते की पेशकश
इस मामले में पीड़ित पक्ष को समझौते की पेशकश मिली है। पीड़िता के पिता का कहना है कि अलग-अलग माध्यमों से समझौते की पेशकश आ रही है। हालांकि उन्होंने किसी भी तरह से समझौते से इंकार किया है। पीड़ित के पिता का कहना है कि मजिस्ट्रेटी जांच के बाद कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें न्याय नहीं मिला तो अदालत जाएंगे।
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