पिथौरागढ़ पुलिस की गिरफ्त में जड़ीबूटी तस्कर और बरामद माल
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उत्तराखंड पुलिस के स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 75 लाख रुपये की प्रतिबंधित जड़ी-बूटी पकड़ में आई है। 27 क्विंटल वजनी जड़ी के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक ने एसओजी की टीम को ढाई हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
मुखबिर की सूचना पर एसओजी प्रभारी प्रकाश सिंह मेहरा के नेतृत्व में कांस्टेबल अनिल मर्तोलिया, मनमोहन भंडारी, राजकुमार सिंह, यशपाल मेहता, जगदीश पुजारी, वन क्षेत्राधिकारी दिनेश चंद्र जोशी ने नगर के ऐंचोली के जाख तिराहे पर टनकपुर की ओर जा रहे कैंटर (यूके 04 सीए-4682) की तलाशी ली। कैंटर से 149 बोरों में भरा 16.50 क्विंटल झूला, 20 बोरों में भरा 7 क्विंटल रीठा, 3.36 क्विंटल वजनी 12 बोरे घुड़बच जड़ी, 7 बोरों में भरी 56 किलो दंताषा, एक बोरे में आठ किलो कुटकी जड़ी भरी थी। वाहन चालक लक्ष्मण राम निवासी बरम, थाना जौलजीबी, जड़ीबूटी ले जा रहे रितु कुमार गुप्ता निवासी विष्णुपुरी कालोनी मोहनपुर टनकपुर (चंपावत) जड़ी-बूटी के वैध कागज नहीं दिखा पाए। वन विभाग की टीम ने जड़ी की जांच की। पकड़ी गई सारी वन संपदा को प्रतिबंधित बताया।
पुलिस ने लक्ष्मण राम और रितु गुप्ता को वन अधिनियम 1927 की धारा 26, अवैध परिवहन की धारा 41/42 के तहत गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की ओर से बताया गया कि जड़ी-बूटी की तस्करी में प्रयुक्त वाहन धारचूला निवासी मनोहर सिंह का है। एसओजी प्रभारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अजय जोशी एवं पुलिस उपाधीक्षक शेखर सुयाल के निर्देशन में तस्करी और खनन के खिलाफ अभियान छेड़ा गया है। इतनी भारी मात्रा में जड़ी-बूटी पकड़े जाने से साफ हो गया है कि सीमांत में किस तरह वन तस्कर वन संपदा का अवैध दोहन कर रहे हैं और वनस्पति को नुकसान पहुंचा रहे हैं।