पिथौरागढ़। नगर क्षेत्र में पांच हजार लावारिस श्वानों के बधियाकरण में 72 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। हैरानी है कि इसके बाद भी इनकी आबादी कम होने के बजाय बढ़ रही है। नगर में दहशत का पर्याय बने लावारिस श्वान और हर गली, सड़कों पर नजर आ रहे पिल्ले इस अभियान पर सवाल खड़े कर रहे हैं। नगर निगम के इन आंकड़ों से लोग हैरान भी हैं और परेशान भी।
एनिमल बर्थ कंट्रोल नियम 2023 लागू होने के बाद पिथौरागढ़ नगर निकाय ने शहर से लावारिस कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण कर इनकी आबादी को रोकने का अभियान चलाया। नगर निगम से मिले आंकड़ों के मुताबिक दो साल पूर्व शुरू किए गए अभियान के तहत अब तक निकाय क्षेत्र में पांच हजार लावारिस श्वानों का बधियाकरण हो चुका है। इस अभियान में 72.50 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
हैरानी की बात है कि इतनी बड़ी धनराशि खर्च होने के बाद भी निकाय क्षेत्र में श्वानों आबादी कम नहीं हुई है। हर गली और सड़कों पर नजर आ रहे पिल्ले इन सभी दावों और अभियान की हकीकत बयां कर रहे हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी ने इस अभियान की हकीकत जानने के लिए ग्राउंड पर उतरी तो नगर के गांधी चौक, एप्टेक तिराहा, जीआईसी रोड, सुभाष चौक, धर्मशाला लाइन सहित प्रमुख स्थानों में लावारिस श्वानों के झुंड और साथ में पिल्ले नजर आए। स्थानीय लोगों ने भी बताया कि लावारिस श्वानों की आबादी लगातार बढ़ रही है। अनुमान के मुताबिक, नगर में अब भी छह हजार से अधिक लावारिस श्वान मौजूद हैं। ऐसे में बधियाकरण की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नगर निगम में मादा श्वान ने दिया पिल्लों को जन्म
नगर निगम में कुछ दिन पूर्व ही लावारिस श्वान ने पिल्लों को जन्म दिया है। नगर निगम हॉल के पीछे भी लावारिस श्वान अपने पिल्लो की परवरिश कर रही है। यही हाल नगर के अन्य क्षेत्रों में हैं जो इनके बधियाकरण और इनकी आबादी कम कर जनता को राहत पहुंचाने के दावे और अभियान की पोल खोल रहा है।
एक कुत्ते के बधियाकरण में खर्च होते हैं 1450 खर्च
नगर निगम प्रशासन की जानकारी के अनुसार एक कुत्ते के बधियाकरण में 1450 रुपये का खर्च आता है। दो साल में नगर निकाय ने पांच हजार कुत्तों के का बधियकारण किया है। इसके लिए एजेंसी का अधिग्रहण किया गया है।
एक महीने में लावारिस श्वानों के हमले में घायल 80 लोग पहुंचे अस्पताल
नगर क्षेत्र में लावारिस श्वानों की दहशत और हमले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है एक महीने में कुत्तों के हमले में घायल 80 लोग इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। लावारिस श्वानों की दहशत से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का नगर की गलियों और सड़कों पर आवाजाही करना मुश्किल हो गया है।
बोले लोग
नगर निगम के लावारिस श्वानों के बधियाकरण और इनकी आबादी रोकने के दावे हवाई हैं। नगर में सुबह शाम बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग घूमने निकलते हैं। शहर में जगह-जगह लावारिस श्वानों का झुंड इन पर हमला कर रहा है। नगर में घूम रहे पिल्ले पूरी हकीकत बयां कर रहे हैं। - मोहन चंद्र भट्ट, अध्यक्ष, जिला बार संघ, पिथौरागढ़
नगर क्षेत्र में लावारिस श्वानों की आबादी कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही है। इस पर शीघ्र ही लगाम लगाने की जरूरत है। इस पर नियंत्रण नहीं लगाया जाता है तो कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। - तपन रावत, अध्यक्ष, नगर व्यापार मंडल, पिथौरागढ़
नगर निगम शहर में लावारिस श्वानों की आबादी कम कर इनकी दहशत कम करने के दावे करता है। धरातल पर ये दावे बेअसर हैं। जगह-जगह छोटे-छोटे पिल्ले नजर आ रहे हैं। वहीं लावारिस कुत्तों के हमले में लोग घायल हो रहे हैं। - लीला देवी, भदेलवाड़ा