अस्कोट (पिथौरागढ़)। पूर्व सांसद महेंद्र पाल ने कहा कि पंचेश्वर बांध ने गांवों से पलायन बढ़ेगा। ऐतिहासिक विरासत डूब जाएंगी। सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।
अस्कोट में जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि प्रदेश सरकार गांवों से पलायन रोकने की बात करती है, लेकिन बांध बनने से पलायन और बढ़ेगा। बांध से पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चंपावत के 134 गांव पूर्ण रूप से प्रभावित हो रहे हैं। इन गांवों की जनता को सरकार कहां बसाएगी, इस पर स्थिति साफ नहीं है। टिहरी के लोग विस्थापन के लिए अब भी परेशान हैं। विस्थापन पर बात साफ होनी चाहिए। कहा कि राज्य सरकार निकायों का विस्तार कर गांवों की संख्या कम कर रही है। विकास करना है तो पहाड़ में केंद्रीय विश्वविद्यालय खुलने चाहिए।
नए जिलों का गठन किया जाना चाहिए। कहा कि मुलायम सिंह की सरकार ने जौलजीबी-टनकपुर सड़क मंजूर की। राज्य बनने के 17 साल बाद भी यह सड़क नहीं बनी है। रेल लाइनों के निर्माण पर बात नहीं हो रही है। पहाड़ के विकास के लिए रेल लाइन जरूरी है। कहा बांध निर्माण की सुगबुगाहट से गांवों में असुरक्षा का माहौल है। सभा में कांग्रेस प्रदेश सचिव प्रदीप पाल, आनंद बल्लभ ओझा, खीम सिंह लुंठी, दिगंबर पाल, त्रिलोक सिंह बिष्ट, तनुज पाल, रोशन पाल, दीपक पाल ने विचार रखे।