डीडीहाट (पिथौरागढ़)। सिंघाली से बस्तड़ी होते हुए दिगरा तक छह साल पहले बनी पांच किलोमीटर लंबी सड़क से बस्तड़ी गांव की 60 नाली जमीन कट गई थी और सड़क निर्माण के दौरान निकला मलबा खेतों में पट गया था। अब तक गांव के लोगों को मुआवजे की राशि का भुगतान नहीं हो पाया है। इससे गांव के लोग गुस्से में हैं। उनका कहना है कि आपदा के कारण टूट चुके गांव के लोगों के साथ यह अन्याय सहन नहीं किया जाएगा।
बताया गया कि इस सड़क का करीब ढाई किलोमीटर का हिस्सा बस्तड़ी गांव की जमीन पर बना है। 2011 में जब सड़क का निर्माण शुरू हुआ, तब लोगों को आश्वासन दिया गया था कि जितनी भी नाप जमीन सड़क निर्माण के दौरान कटेगी उसका मुआवजा दिया जाएगा और सड़क के मलबे से क्षतिग्रस्त जमीन का भी मुआवजा मिलेगा। गांव के लोग मुआवजे के लिए लोनिवि के कई चक्कर काट चुके हैं, लेकिन अब तक उनको इसका भुगतान नहीं हुआ है।
बस्तड़ी के सामाजिक कार्यकर्ता शंकर दत्त भट्ट ने बताया कि 30 जून 2016 को बस्तड़ी में आई आपदा के बाद उन्होंने तत्कालीन जिलाधिकारी एचसी सेमवाल के सामने भी मुआवजे का मुद्दा रखा था। डीएम ने लोनिवि अस्कोट के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए थे कि एक महीने के भीतर मुआवजा बांट दिया जाए, लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोनिवि के अधिशासी अभियंता बीसी कांडपाल का कहना है कि मुआवजे की राशि के लिए शासन को लिखा गया है।
मुआवजा दिलाने के लिए प्रयास हो रहे
विधायक विशन सिंह चुफाल का कहना है कि बस्तड़ी के लोगों को सड़क से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह मामला लोनिवि सचिव के सामने भी रखा गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मुआवजे का भुगतान हो जाएगा। वह अपने स्तर से पूरा प्रयास कर रहे हैं।