जिले के साथ ही अल्मोड़ा को नए साल में 690 करोड़ रुपये की लागत के विद्युत उपकेंद्र की सौगात मिलेगी। इससे दोनों जिलों की बिजली व्यवस्था में सुधार होगा। साथ ही भविष्य में उत्पादित होने वाली बिजली इसी ग्रिड के माध्यम से अन्य जगहों पर आपूर्ति की जाएगी।
पावर ग्रिड कारपोरेशन की ओर से अस्कोट के बगड़ीहाट में 690 करोड़ रुपये की लागत से 4.493 हेक्टेयर जमीन में 400/220 केवी विद्युत उपकेंद्र बनाया जा रहा है। ग्रिड की यह उत्तरी क्षेत्र पारेषण प्रणाली सुदृढ़ीकरण की 37वीं योजना है।
भविष्य में सीमांत जिले की नदियों में जो भी बिजली उत्पादित होगी, वह इसी उपकेंद्र से जुड़ेगी। उपकेंद्र को चीन की कंपनी उपकरणों की आपूर्ति कर रही है। उपकेंद्र में 400 केवी के 13 ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। पावर ग्रिड के मुख्य अभियंता संदीप कोठारी ने बताया कि यह गैस आधारित उपकेंद्र है। 31 मार्च तक उपकेंद्र बन कर तैयार हो जाएगा।
वर्तमान तक 70 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि ग्रिड के चंडाक उपकेंद्र में महज दो ट्रांसफार्मर लगे हैं। उपकेंद्र से चंडाक ग्रिड में भी बिजली आपूर्ति की जाएगी। इससे भविष्य में बोल्टेज स्थिर रहेगी। इसके लिए जौलजीबी-पिथौरागढ़ 220 केवी पारेषण लाइन का कार्य किया जा रहा है। अभी पिथौरागढ़, मुनस्यारी, धारचूला, अस्कोट, बरम के साथ ही अल्मोड़ा जिले में बिजली का जो संकट चल रहा है वह भविष्य में समाप्त हो जाएगा। अल्मोड़ा को भी 220 केवी लाइन से जोड़ा जाएगा। पिछले पौने दो साल से उपकेंद्र का कार्य किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
पावर ग्रिड के मुख्य अभियंता संदीप कोठारी ने बताया उपकेंद्र में स्थानीय लोगों को रोजगार दिया गया है। कार्य पूरा होने के बाद उपकेंद्र के रखरखाव, सुरक्षा गार्ड, हाउस कीपिंग, हार्टीकल्चर में भी युवाओं को रोजगार मुहैया कराया जाएगा।