हिमालयी क्षेत्र में शुक्रवार तड़के से दोपहर तक बर्फीला तूफान आया। बर्फीले तूफान को देखते हुए प्रशासन ने सरकारी मशीनरी को अलर्ट कर दिया है। बर्फीले तूफान और रात को पड़ रहे पाले के कारण ठंड में काफी इजाफा हो गया है। शुक्रवार को मुनस्यारी का न्यूनतम तापमान माइनस 6 डिग्री पहुंच गया था, जबकि पिथौरागढ़ का न्यूनतम तापमान माइनस 2 डिग्री रिकार्ड किया गया। तापमान में गिरावट के कारण मुनस्यारी में ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो जा रही हैं।
शुक्रवार तड़के 4 बजे से पंचाचूली, राजरंभा, हंसलिंग, मिलम, रालम, छिपला केदार, नंदा देवी बेस कैंप, हीरामणि, नामिक ग्लेशियर के साथ ही हिमालयी क्षेत्र के विभिन्न इलाके बर्फीले तूफान की चपेट में रहे। मुनस्यारी नगर से पंचाचूली, हंसलिंग आदि चोटियों में बर्फ उड़ते हुए देखी गई। दोपहर करीब बजे बर्फीला तूफान थमा। इन दिनों रात को गिर रहे पाले के कारण ठंड बढ़ी है।
बर्फीले तूफान से सर्द हवाओं का जोर रहा। तापमान गिरने से बलाती समेत तमाम इलाकों में पानी जमने लगा है। ओस की बूंदें तक बर्फ में तब्दील हो जा रही हैं।
बर्फीले तूफान को देखते हुए उपजिलाधिकारी भगत सिंह फोनियां ने सुबह 6 बजे राजस्व पुलिस कर्मियों की आपात बैठक बुलाकर सभी को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। अन्य विभागों को भी सतर्क किया गया है। एसडीएम ने बताया कि उच्च हिमालयी इलाकों में आईटीबीपी की अग्रिम चौकियों में जवान तैनात हैं। तूफान से किसी प्रकार के नुकसान की जानकारी नहीं है।
दिसंबर में अक्सर माइनस डिग्री से नीचे जाता है तापमान
पिथौरागढ़। जिला मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 में 28 दिसंबर को पिथौरागढ़ का न्यूनतम तापमान माइनस 1.4 डिग्री था। 27 दिसंबर 2017 को जिले का न्यूनतम तापमान माइनस 0.7 डिग्री रिकार्ड किया गया। शुक्रवार इस वर्ष का सबसे ठंडा दिन था। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान माइनस 2 डिग्री और अधिकतम 14.2 डिग्री था, जबकि बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री था।