पिथौरागढ़। नामिक गांव के लोगों को अब जिला प्रशासन की ओर से मतदान से पूर्व किए गए वायदों के पूरे होने का इंतजार है।
हिमालय की तलहटी पर बसे नामिक गांव के लोगों ने सड़क, संचार, स्वास्थ्य असुविधा को लेकर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी थी।
नामिक के लिए होकरा से बन रही सड़क की काम की गति काफी धीमी है। प्रशासन की पहल पर नामिक के लोग चुनाव में मतदान के लिए राजी हुए थे। धारचूला के रांथी समेत तमाम गांवों के लोगों ने भी चुनाव बहिष्कार का एलान किया था। सरकारी तंत्र की पहल के बाद लोग मतदान के लिए राजी हुए। जिला प्रशासन ने नाराजगी व्यक्त करने वाले गांवों की समस्याओं का हल कराने का भरोसा दिलाया है। सबकी नजर जिला प्रशासन के आश्वासन पर टिकी है।
सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित गंगोलीहाट के बोयल, डीडीहाट के काणाधार, धारचूला विधानसभा क्षेत्र के गांधीनगर, क्वीरीजिमिया, साईपोलू, मेतली गांव के मतदाताओं ने तो चुनाव में भागेदारी नहीं की। मुनस्यारी का क्वीरीजिमिया आपदा प्रभावित गांव है। इस गांव के लोग वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव का भी बहिष्कार कर चुके हैं। अब देखना है कि इनकी समस्या का समाधान किस तक हो पाता है।