पिथौरागढ़। ऑपरेशन स्माइल के तहत पिथौरागढ़ पुलिस ने एक पखवाड़े के भीतर तीन किशोरियों समेत 16 नाबालिगों का रेस्क्यू किया है। इनमें से तीन गुमशुदा थे। 12 किशोरों को होटल, ढाबों में काम करते, जबकि भीख मांगते हुए एक किशोरी को छुड़ाया गया। बरामद बच्चों में से 14 को परिजनों को सौंप दिया है। रेस्क्यू किए गए बच्चों में दो नेपाली मूल के हैं। इनके परिजनों का पता लगाया जा रहा है।
सीओ शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि 15 फरवरी तक स्माइल के तहत होटल, ढाबों आदि में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान 12 नाबालिगों को प्रतिष्ठानों से छुड़ाया गया। इनमें से 10 स्थानीय, जबकि दो नेपाली मूल के हैं। प्रतिष्ठान मालिकों को भविष्य में बालश्रम न कराने की कड़ी हिदायत के साथ छोड़ा गया।
बाल श्रम में पकड़े गए बच्चों को काउंसलिंग के साथ ही परिजनों को सौंप दिया है, जबकि नेपाली मूल के दो किशोरों के परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश चल रही है। फिलहाल इन्हें उज्जवला पुनर्वास केंद्र को सौंप दिया है। इसके साथ ही बाजार में भीख मांगते एक किशोरी भी पकड़ी। इसके अलावा लापता हुई दो किशोरियों के साथ ही एक बालक को भी बरामद किया गया।
परिवार को वापस मिला आठ साल का साहिल
अभियान के दौरान पुलिस ने धारचूला के आठ साल के साहिल को परिवार से मिलाया। दरअसल धारचूला का यह परिवार एक बुजुर्ग सदस्य के इलाज के सिलसिले में पिथौरागढ़ रिश्तेदारी में आया था। इस दौरान साहिल परिजनों से बिछुड़ गया। सूचना पर पुलिस ने साहिल को खोज लिया।
दिल्ली से बरामद हुई दो किशोरियां
अभियान के दौरान शहर से लापता हुई दो किशोरियों को दिल्ली से बरामद किया गया। दोनों हमउम्र किशोरियां रोजगार की तलाश में परिजनों को बिना बताए दिल्ली चली गई थी। किशोरियों के सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली।