पिथौरागढ़। नगरीय क्षेत्रों को खुले में शौच की प्रथा से मुक्त कराने के अभियान के तहत पिथौरागढ़ नगर में 418 घरेलू शौचालय निर्माण के आवेदन पत्र नगरपालिका को प्राप्त हुए हैं। इनमें से 316 आवेदनों का सत्यापन नगरपालिका ने कर दिया है। सत्यापन के बाद 233 परिवारों को शौचालय बनाने के लिए धनराशि दे दी गई है। 102 परिवारों के सत्यापन का काम चल रहा है। नगर क्षेत्र में छह सार्वजनिक शौचालय बनाने संबंधी आवेदन भी प्राप्त हुए हैं।
डीएम सी रविशंकर ने बताया कि नगर निकायों को 31 दिसंबर तक खुले में शौच की प्रथा से मुक्त किया जाना है। इस संबंध में कलक्ट्रेट में हुई बैठक में जानकारी दी गई कि डीडीहाट नगर में 100 निजी शौचालय बनाने के लिए धनराशि मिली थी। इनमें से 50 का निर्माण हो गया है और 50 पर काम चल रहा है। डीडीहाट नगर से घरेलू शौचालयों के कुल 250 आवेदन प्राप्त हुए थे।
धारचूला नगर में घरेलू शौचालयों के 227 आवेदन प्राप्त हुए, इनमें से 44 परिवारों को धनराशि दे दी गई है। गंगोलीहाट नगर में 259 आवेदन पत्र प्राप्त हुए, इनमें से 135 लोगों को शौचालय बनाने के लिए धनराशि दे दी गई है। बेड़ीनाग नगर में 143 परिवारों के पास शौचालय नहीं है। इन सभी को धनराशि दे दी गई है।
डीएम ने कहा कि नगरों को खुले में शौच की प्रथा से मुक्त कर दिया जाएगा। 15 दिसंबर तक सभी को लक्ष्य पूरा करना है और रोजाना की रिपोर्ट शाम छह बजे तक उपलब्ध करानी होगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी मोहम्मद नासिर समेत सभी निकायों के अधिशासी अधिकारी मौजूद थे।
नगरों में पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा
जिलाधिकारी सी रविशंकर ने अधिकारियों से कहा कि नगरीय क्षेत्रों में पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। यदि किसी के पास पॉलिथीन मिलती है तो उस पर जुर्माना लगाया जाए। कूड़े का निस्तारण डंपिंग जोन में कराने के भी निर्देश दिए। नगरीय क्षेत्रों में सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। डीएम ने कहा कि नगरों की सफाई की भी समय-समय पर समीक्षा होगी।