धारचूला (पिथौरागढ़)। ऐतिहासिक और व्यापारिक महत्व के जौलजीबी मेले की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। 14 नवंबर से शुरू होने वाले इस ऐतिहासिक मेले में मित्र राष्ट्र नेपाल के लोग भी शिरकत करते हैं। नेपाल के हुमला-जुमला के घोड़े लाकर इस बार भी कई लोगों के यहां पहुंचने की उम्मीद है। हुमला-जुमला के उन्नत नस्ल के इन घोड़ों की मांग बहुत अधिक रहती है। मेले में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, बरेली आदि शहरों से भी व्यापारी पहुंचेंगे। 13 नवंबर तक व्यापारी यहां पहुंच जाएंगे।
एसडीएम आरके पांडे एवं तहसीलदार इंद्र बहादुर मल्ल ने बताया कि मेला स्थल पर पेयजल और प्रकाश व्यवस्था कर दी गई है। दुकानों के लिए जमीन का सीमांकन कर दिया गया है। कहा कि इस बार भी सभी विभागों के स्टाल लगाए जाएंगे। सभी कार्यक्रमों के लिए संयोजकों की नियुक्ति कर दी गई है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए लक्ष्मण बिष्ट, शंकर दत्त भट्ट, करण थापा, गणेश मर्तोलिया, डीएन भट्ट को संयोजक बनाया गया है। तहसीलदार आईबी मल्ल, दौलत पाल, लीला बनंग्याल, घनश्याम पैंतोला को समन्वयक समिति के संयोजक नियुक्त किया गया है।
खेलकूद के संचालन के लिए महेश लोहिया, प्रमोद कुमार, देवकी बोरा, गणेश मर्तोलिया, सुंदर थापा, डीएन भट्ट को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा स्वागत समिति, स्वयंसेवी समिति भी बनाई गई है। एसडीएम ने बताया कि इस बार भी बाहर से कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। इसमें गोविंद दिगारी, सुरीला ग्रुप, थलकेदार सांस्कृतिक ग्रुप, ललित मोहन जोशी जैसे कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी और 21 को विधिक साक्षरता, 22 नवंबर को बहुउद्देश्यीय शिविर का आयोजन किया जाएगा।
जौलजीबी मेले में रिवर रॉफ्टिंग प्रशिक्षण चलेगा
पिथौरागढ़। कुमाऊं मंडल विकास निगम ने जौलजीबी मेले में रिवर रॉफ्टिंग प्रशिक्षण शुरू करने का फैसला लिया है। केएमवीएन के साहसिक पर्यटन प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि प्रशिक्षण में शामिल होने वाले युवाओं को हिमालय बचाओ की शपथ भी दी जाएगी। साथ ही महाकाली में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि केएमवीएन 2012 से लगातार जौलजीबी मेले में रिवर रॉफ्टिंग का प्रशिक्षण संचालित कर रहा है।