धारचूला (पिथौरागढ़)। कुमाऊं मंडल विकास निगम ने भविष्य में कैलाश मानसरोवर यात्रा को ज्यादा सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के लिए घोड़े वालों (पोनी) और मजदूरों (पोर्टर्स) को विशेष प्रशिक्षण देने का फैसला लिया है। उनको आपदा राहत के साथ-साथ अतिथि सत्कार के गुर भी सिखाए जाएंगे।
केएमवीएन के प्रबंधक दीवान सिंह बिष्ट ने बताया कि 23 नवंबर से निगम स्थानीय मजदूरों और घोड़े वालों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान यात्रियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार एवं आपदा के वक्त प्राथमिकता के साथ कैसे यात्रियों की सुरक्षा की जाए, इसकी बारीकी से जानकारी दी जाएगी। कहा कि वर्ष 2018 से प्रशिक्षण प्राप्त मजदूरों और घोड़े वालों को अवसर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक धीराज गर्ब्याल और पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल भी मौजूद रहेंगे।
उधर, पोनी-पोर्टर्स एसोसिएशन के नृप सिंह गर्ब्याल, दीपक बिष्ट और जीवन बिष्ट ने कहा कि स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण देने की योजना स्वागत योग्य है, लेकिन अगले वर्ष से प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को ही यात्रा के दौरान अवसर देने की योजना तर्कसंगत नहीं हैं, क्योंकि कई युवा बाहर पढ़ाई कर रहे हैं तथा यात्रा सीजन में रोजगार पाकर साल भर की कापी-किताबों का खर्च उठाते हैं। ये लोग प्रशिक्षण से वंचित हो जाएंगे।
उसी प्रकार व्यांस, चौदांस एवं दारमा के दूरस्थ इलाकों के लोग भी प्रशिक्षण से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने मांग की कि गाला, सिर्खा एवं सोसा में भी प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएं। जिससे दूरदराज के लोग भी प्रशिक्षण ले सकें।