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मालूपाती, तल्ला हरकोट और रीठा के 56 परिवार खतरे में

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पनखोली में खतरे में आए मकानों का निरीक्षण करते विधायक चुफाल। - फोटो : PITHORAGARH
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। हल्की बारिश शुरू होते ही मुनस्यारी के आपदा प्रभावित लोगों में दहशत फैल जाती है। मालूपाती, तल्ला हरकोट और रीठा के 56 आपदा प्रभावितों ने सरकार से सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वास कराने की मांग की है।
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जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने शुक्रवार को विकास खंड के अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने बताया कि तीनों गांवों में बारिश ने काफी नुकसान पहुंचाया है। आठ परिवार अस्थायी रूप से अपना घर छोड़ चुके हैं तीन घर ध्वस्त हो गए हैं। हल्की बारिश होते ही लोग अपने घरों को छोड़कर पास के गांव या टेंट में जाने को मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने शीघ्र भूगर्भीय सर्वे कराकर प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करने और प्रशासन से पुनर्वास तक मनरेगा से सुरक्षात्मक कार्य कराने की मांग भी उठाई है। इस मौके पर हरकोट की प्रधान हेमा मेहरा, क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपा देवी, पापड़ी के प्रधान चरन सिंह पापड़ा, भूपेंद्र सिंह मेहरा, प्रकाश राम, ग्राम पंचायत अधिकारी गीता पिमोली, मनरेगा सहायक मीना भंडारी आदि मौजूद थीं।
विधायक ने पनखोली गांव में खतरे की जद में आए मकानों का निरीक्षण किया
पिथौरागढ़। डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल ने शुक्रवार को खतरे की जद में आए पनखोली ग्रामसभा के घरों का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागों से शीघ्र सुरक्षात्मक कार्य करने को कहा। भूस्खलन के कारण मूनाकोट ब्लॉक के पनखोली गांव में 12 से अधिक मकान भूस्खलन के कारण खतरे की जद में आ गए हैं। जमीन धंसने से सभी मकानों में दरारें पड़ी हैं। निरीक्षण के लिए पहुंचे विधायक चुफाल ने मौके से ही जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता कर हालात से अवगत कराया। उन्होंने खतरे की जद में आए परिवारों को उचित स्थान पर जमीन उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही विधायक ने पिथौरागढ़-धारचूला सड़क से गांव की ओर बह रहे पानी की निकासी करने और मलबे को हटाने को कहा है। उन्होंने घरों की सुरक्षा के लिए दीवारों का निर्माण करने को भी कहा है। ब्यूरो
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