मां पूर्णागिरि धाम का मेला 7 मार्च से शुरू होकर पांच जून तक चलेगा। जिला पंचायत द्वारा आयोजित होने वाले इस मेले की व्यवस्था मुख्य रूप से मुंडन से मिलने वाली आय से होती है। पिछले साल बाल मुंडन से जिला पंचायत को 70 लाख रुपए मिले, जबकि इस बार बाल मुंडन के लिए 55 लाख रुपए से बोली लगनी शुरू होगी। इसके लिए टनकपुर के एसडीएम जेएस राठौर की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी एसएस परगांई ने बताया कि बाल मुंडन की न्यूनतम बोली 55 लाख रुपए रखी गई है। पिछले साल न्यूनतम राशि 50 लाख थी। मगर बोली 70 लाख रुपए की हुई। बोली से पूर्व 10 लाख रुपए की धरोहर राशि जमा करनी होगी। मुंडन कार्य टुन्यास में नाप भूमि पर कराना होगा। जमीन आदि की व्यवस्था भी ठेकेदार को ही करनी होगी। मुंडन के ठेके की अवधि सात मार्च से एक वर्ष की होगी। मुंडन की ये रकम मां पूर्णागिरि मेले की व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साथ ही जिला पंचायत की आमदनी का ये अकेला स्रोत्र है।