पिथौरागढ़। पंचेश्वर बांध निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद नई-नई समितियों का गठन होते जा रहा है। पंचेश्वर बांध विस्थापन संघर्ष समिति नाम से बने नए संगठन ने मांग की है कि डूब क्षेत्र के हर परिवार को अगले 20 वर्ष तक 20 हजार रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता दिया जाए। हर परिवार को जमीन के बदले जमीन दी जाए और जिन परिवारों के नाम पर जमीन नहीं है, उनको कब्जे वाली जमीन के बराबर भूमि दी जाए।
सोमवार को राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र भट्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में मांग की गई कि वर्ग 5 की जमीन का मूल्यांकन नाप भूमि की तरह किया जाए। बड़े मंदिरों की पुनर्स्थापना का काम सरकारी खर्च से किया जाए। पुनर्वास वाली जगह पर शिक्षा संस्थान, अस्पताल, खेलकूद, पार्क, श्मशान घाट की व्यवस्था की जाए। महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाएं।
प्रभावित इलाके में कमजोर पहाड़ियों की सुरक्षा के उपाय किए जाएं। हर परिवार को मकान बनाने के लिए 50 वर्ग मीटर और गोशाला निर्माण के लिए 25 वर्ग मीटर जमीन दी जाए। इसके अलावा मकान बनाने के लिए 30 लाख और गोशाला बनाने के लिए एक लाख रुपये की राशि प्रदान की जाए। प्रभावित होने वाले हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। बैठक में घाट, पनार, सिमली, पंचेश्वर, झूलाघाट, पीपली, कानड़ी क्षेत्र के लोग उपस्थित थे। बैठक में जगत सिंह रौतेला, सोबन सिंह, विजेंद्र भट्ट, महेश जोशी, भवान सिंह, दीवान सिंह, दीपक कुमार, बहादुर सिंह समेत तमाम लोगों ने विचार रखे।