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किसान की आत्महत्या के मामले में सरकार का रवैया शर्मनाक

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किसान की आत्महत्या के मामले में सरकार का रवैया शर्मनाक
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बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने कहा कि किसान की आत्महत्या के मामले में प्रदेश सरकार का रवैया बेहद शर्मनाक रहा है और सबसे ज्यादा दुखद यह है कि अब तक पीड़ित परिवार की मदद के लिए सरकार ने एक पैसे की राशि नहीं दी है। रविवार को पुरानाथल के पास डोलडुंगरी गांव पहुंचे टम्टा ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण ही ऐसी नौबत सामने आ रही है। उन्होंने मृतक किसान सुरेंद्र सिंह की पत्नी मंजू देवी और बेटे रोहित सिंह से सारा घटनाक्रम मालूम किया।

परिवार के लोगों ने बताया कि उनके पास 22 नाली जमीन है। इसी जमीन के आधार पर सुरेंद्र सिंह को ग्रामीण बैंक से 50 हजार और सहकारी समिति से 75 हजार रुपये का कर्ज मिला था। बड़े बेटे बलवंत सिंह ने भी 75 हजार रुपये का कर्ज ले रखा है। कर्ज की इतनी बड़ी रकम जमा कर पाना संभव न होने के कारण सुरेंद्र सिंह काफी तनाव में थे। ऊपर से बैंकों के नोटिस मिलने लगे। टम्टा ने परिजनों से हुई बातचीत के आधार पर बताया कि सरकार सुसाइड नोट की बात कर रही है लेकिन सुरेंद्र सिंह ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे। उनको सिर्फ अपने हस्ताक्षर करना आता था।
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टम्टा ने कहा कि सरकार शीघ्र पीड़ित परिवार का कर्ज माफ करे और परिवार को मुआवजा दे। उन्होंने आश्वस्त किया कि कांग्रेस अपनी ओर से पीड़ित परिवार की यथासंभव मदद करेगी। उनके साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, महेश डसीला, बबलू ऐंठानी, राजू बोरा, चंदन वाणी, गोविंद भारती, शंकर खड़ायत आदि थे। किसान का परिवार बेहद कष्ट की स्थिति में है। परिवार के सामने अब खाने पीने के लाले पड़ने लगे हैं।
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