पिथौरागढ़ में दवा की दुकानों में पहुंच रहे नाममात्र के ग्राहक
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रुपए की कमी का असर दवा व्यवसाय पर भी पड़ा है। दवा व्यापारियों का कहना है कि वह प्रचलन से बाहर हो चुके 500 और 1000 के नोट ले रहे हैं। इसके बावजूद दवा की बिक्री पर पचास फीसदी तक असर पड़ गया है। यदि किसी को अनिवार्य रूप से दवा खरीदनी हो तो वही दुकानों में आ रहा है।
दवा व्यापारी पुराना नोट ले तो रहे हैं, लेकिन खुले रुपए वापस करने का संकट भी हो रहा है। उत्तराखंड केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सदस्य महेश पंत ने बताया कि नौ नवंबर से ही दवा की बिक्री पर असर पड़ने लगा था। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास पुराने नोट थे, उनको जमा करा दिया गया है और प्रचलित नोट प्राप्त करने में भारी दिक्कत आ रही है। इसी कारण अन्य व्यवसायों के साथ-साथ दवा के कारोबार पर भी असर पड़ गया है।
ग्रामीण बैंकों में नहीं पहुंचा पैसा
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। गौरीहाट और मड़मानले स्थित ग्रामीण बैंक में एक रुपया नहीं है। लोग पुराने नोट बदलने को जा रहे हैं, लेकिन बैरंग लौट रहे हैं। गौरीहाट व्यापार संघ के अध्यक्ष पूरन सिंह धारियाल और मड़मानले के सामाजिक कार्यकर्ता किशोर धामी ने कहा कि अब गांव के लोगों के पास नमक, तेल के लिए पैसा नहीं है। उन्होंने बताया कि लोग भारी तनाव की स्थिति में आ गए हैं।