बंगापानी तहसील के धापा गांव में मूसलाधार बारिश से रास्ते में नाले उफान में आ गए। संवाद न्यूज एजें
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पिथौरागढ़/मुनस्यारी। मुनस्यारी के धापा सहित क्षेत्र के कई गांवों में भूस्खलन के कारण भारी नुकसान हुआ है। यहां के 47 परिवारों ने मकान छोड़ दिए हैं। यह सभी परिवार जंगल में टेंट लगाकर रहने को मजबूर हैं। कुछ लोगों ने अपना सामान गुफा में रखा है। वहीं सड़क के दो हिस्सों में बंटने से गांव तक जाने के लिए डेढ़ किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पड़ रही है। इस कारण अभी तक ग्रामीणों तक मदद नहीं पहुंच पाई है।
19 जुलाई की रात हुई भारी बारिश से धापा गांव में भी काफी नुकसान हुआ है। गांव का जूनियर हाईस्कूल का भवन जमींदोज हो गया। कुछ घरों में मलबा घुस गया। बृहस्पतिवार को धापा गांव से लौटे क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह चिराल ने बताया कि धापा में सड़क दो हिस्सों में बंट गई है। बारिश से आधा धापा गांव तबाह हो गया है। राजमा की खेती पूरी तरह से दब गई है। गांव के निचले भाग में भूस्खलन होने से अब घर रहने लायक नहीं हैं। गांव के सभी परिवार जंगल में प्लास्टिक के टेंट लगाकर रह रहे हैं।
गांव तक पहुंचने के लिए सड़क या पैदल रास्ता नहीं है। डेढ़ किमी खड़ी चट्टान के रास्ते से चलना पड़ रहा है। बेहद कठिन रास्ता होने के कारण केवल एसओ और पटवारी ही गांव तक पहुंच पाए। अभी किसी तरह की मदद ग्रामीणों तक नहीं पहुंची है। ग्रामीणों ने मवेशी बांज के पेड़ों से खुले में बांधे हैं। रात को भी पहाड़ी से पत्थर गिरने से ग्रामीण ठीक से सो नहीं पा रहे हैं। सभी ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क खोलने और पैदल रास्ता बनाने की मांग की है।
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दरकोट गांव के युवाओं ने धापा पहुंचाए टेंट
मुनस्यारी। जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीएस मर्तोलिया और जोहार वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष डीएस धर्मशक्तू के निर्देशन में बृहस्पतिवार को नवयुवक दरकोट की टीम कुछ टेंट लेकर धापा गांव पहुंची। टीम के अनुसार सेनरगाड़ के पास आवागमन में बड़ी कठिनाई हो रही है। सारा धापा गांव भूस्खलन से घिरा है। छह लोगों के मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। उनके पास बर्तन, बिस्तर और कपड़े भी नहीं हैं। छह सात परिवारों के दुधारू जानवर मर गए हैं।
शीघ्र दी जाएगी आपदा प्रभावितों को राहत राशि
मुनस्यारी। एडीएम आरडी पालीवाल ने बताया कि सभी आपदा प्रभावित परिवारों को राहत राशि देने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने तहसील मुख्यालय अंतर्गत ग्राम मर्तोली का स्थलीय निरीक्षण करते हुए भूस्खलन की दृष्टि संवेदनशील बड़े पत्थरों, भूस्खलन की रोकथाम के लिए बीआरओ को तत्काल सुरक्षा के उपाय करने के निर्देश दिए। साथ ही बीआरओ को मुनस्यारी-मदकोट मार्ग में क्षतिग्रस्त किरकिरिया पुल तक तत्काल यातायात सुचारु करने के लिए अतिरिक्त मशीन लगाते हुए कार्य करने को कहा। जिला पूर्ति अधिकारी को आपदा की दृष्टि से खाद्यान्न पैकेट उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए।