पिथौरागढ़। मंगलवार रात हुई मूसलाधार बारिश से भूस्खलन और मलबा आने से तीन बार्डर रोड सहित 42 सड़कें बंद हो गईं। सड़कें बंद होने से लोगों को पैदल आवागमन करना पड़ा। विभाग की ओर से सड़कों को खोलने के लिए मशीनें लगाई गई हैं।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश सीमांत जिले के लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। मंगलवार रात भारी बारिश से कई सड़कों पर यातायात ठप हो गया। धारचूला, मुनस्यारी से मैदानी क्षेत्रों के लिए जा रहे लोग घंटों रास्ते में फंसे रहे।
पिथौरागढ़-धारचूला नेशनल हाईवे अस्काेट और जौलजीबी के बीच लखनपुर में बंद होने से सुबह 09 बजे से वाहनों का संचालन ठप रहा। बीआरओ ने मशीनें लगाकर मलबा हटाया इसके बाद सुबह से फंसे वाहन गंतव्य को रवाना हुए।
स्कूली बसों के रास्ते में फंसे रहने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई। थल-मुनस्यारी और जौलजीबी-मुनस्यारी मोटर मार्गों के बंद होने से मुनस्यारी के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
लगातार हो रही बारिश से उफान पर आई काली नदी
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में लगातार हो रही बारिश से काली नदी का जल चेतावनी स्तर के पास 889 मीटर पर पहुंच गया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। डीएम रीना जोशी ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है। उन्होंने पुलिस, संबंधित विभागों से चेतावनी जारी करने के भी निर्देश दिए हैं। रात भर हुई बारिश के थमने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। संवाद
बारिश के कहर से लोग परेशान
बंगापानी (पिथौरागढ़)। क्षेत्र में बारिश का कहर देखने को मिल रहा जगह-जगह सड़क बंद हो जा रही है आज मोरी, चामी, और घिंघरानी में मलबा और बोल्डर से सुबह दो घंटे तक यातायात बंद रहा। इससे मुसाफिरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। संवाद
फोटो 21 पीटीएच 08 पी- बंगापानी में बंद पड़ी सड़क। संवाद
कहां कितनी बारिश
धारचूला 91.20 मिमी
तेजम 90 मिमी
बंगापानी 62 मिमी
बेड़ीनाग 44 मिमी
गंगोलीहाट 41 मिमी
देवलथल 15 मिमी
इन सड़कों पर आया मलबा:
पिथौरागढ़-जौलजीबी, थल-मुनस्यारी, चौबाटी-स्याल्वे, थल-सातशिलिंग, धापा-मुनस्यारी, रामगंगा-क्वीटी-मुनस्यारी, जौलजीबी-मुनस्यारी, बांसबगड़-कोटा पंद्रपाला, खेला-गर्गुवा, पौड़ी-घटकूना, एलागाड़- जुम्मा, मदकोट-तोमिक, होकरा-नामिक, छिरकिला-जम्कू, कालिका-खुमती, सेलमाली-विचना, बांसबगड़-माणीधामी, आदिचौरा-सीणी, नाचनी-भैंसकोट, बंगापानी-जाराजिबली, मदकोट- दारमा, मसूरीकांडा-होकरा, मुनस्यारी-हरकोट, डीडीहाट-आदिचौरा, मदकोट-बोना, बांसबगड़-गूंठी, थल-लेजम, देकुना-बसंतनगर, चमूबैंड-धुरौली, नाचनी-बांसबगड़, बांसबगड़-धामीगांव, सुरौड़-उनपानी, रांथी-बोरागांव, बलुवाकोट-पय्यापौड़ी, कोटा-कांडाधूरा मुनस्यारी, झूलाघाट-बलतड़ी, ड्योड़ा-बारमो, मालाकोट- लोध डोकुला, रसैपाटा-सुवालेख, बुंगाछीना-बाटुला, सेराघाट- बुसैल, मुनस्यारी-नाचनी।
बुधवार को भी शारदा बैराज पर रहा रेडअलर्ट
चार पहिया वाहनों के लिए बैराज पर आवागमन रहा बंद
इंफो
62 मिमी वर्षा बुधवार को रिकार्ड हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
बनबसा (चंपावत)। पहाड़ों में हुई बारिश से बनबसा में बुधवार को शारदा नदी का जलस्तर सुबह 11 बजे 160018 क्यूसेक पहुंच गया।
सुबह छह बजे बैराज के गेट खोलते समय नदी का जलस्तर 115978 क्यूसेक हो गया था। इसके बाद बैराज पर चार पहिया वाहनों के लिए बंद कर दिया गया। इसके चलते भारत नेपाल आवागमन करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 1,37,170 क्यूसेक था।
यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा स्थित शरदा हेडवर्क्स एसडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि मंगलवार रात 12 बजे नदी का जलस्तर 94,890 क्यूसेक रह गया था, लेकिन सुबह आठ बजे जलस्तर 1,40,868 क्यूसेक पहुंच गया। 11 बजे 1,60,018 क्यूसेक हो गया। बुधवार को बनबसा में पिछले 24 घंटों में 62 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई। एक जून से अबतक बनबसा में 2065 मिमी. बारिश हुई है। संवाद
सड़क बंद होने से घर लौटे 60 से अधिक विद्यार्थी
- नाचनी क्षेत्र में बिजली और पानी की लाइनें ध्वस्त, लोग परेशान
- फीडर पर गिरी बिजली, आपदा केंद्र का मोबाइल ऑफ
इंफो
30 गांव में दो दिन से बत्ती गुल, लोग अंधेरे में
संवाद न्यूज एजेंसी
नाचनी (पिथौरागढ़)। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त है। थल -मुनस्यारी सड़क मंगलवार शाम हरड़िया के पास बंद हो गई। इससे नाचनी के विद्यालयों में आने वाले 60 से अधिक छात्र-छात्राओं को आधे रास्ते से ही घर लौटना पड़ा।
24 घंटे से बंद सड़क पर बुधवार शाम करीब छह बजे वाहनों के लिए खोल दिया गया। हरड़िया के पास भूस्खलन का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। भैसकोट में दो वर्ष पूर्व सिमगड़ नदी पर बना पैदल पुल क्षतिग्रस्त हो गया है।
नाचनी बाजार को आपूर्ति करने वाली दो पेयजल योजना, बोरागांव और भौड़ियायाछीड़ कई दिनों से बंद है। लोगों को बारिश का पानी पीना पड़ रहा है। बिजली गिरने से नाचनी सब स्टेशन के महरगाड़ी को आपूर्ति करने वाला फीडर बंद हो गया है।
तेजम तहसील मुख्यालय सहित क्वीटी और मडलकिया न्याय पंचायत के 30 गांव दो दिनों से अंधकार में हैं। बिजली नहीं होने से तमाम कामकाज ठप हो गए हैं। तहसील के आपदा केंद्र का मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ हो गया है।
कोट
भारी बारिश और बिजली गिरने से लाइनों में फाल्ट आ गया है। जमीन खिसकने से गोकुलधुरा में पांच एलटी पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सभी क्षेत्रों में लाइनों के सुधार के लिए मजदूर लगाए हैं। शीघ्र आपूर्ति बहाल हो जाएगी। - गिरीश आर्या, उपखंड अधिकारी यूपीसीएल।