पिथौरागढ़। नन्हीं परी सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज में भारत सरकार की ओर से प्रायोजित अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस न्यूटंस 2018 शुरू हो गया है। छात्र-छात्राओं को अंतरराष्ट्रीय डेलीगेट फिनलेंड विश्वविद्यालय के प्रो. एनवी कुजेनेतस ने स्काइप द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विज्ञान और तकनीकी के बारे में जानकारी दी।
कांफ्रेंस का शुभारंभ मुख्य अतिथि रुड़की विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर प्रो. पीके पांडेय, विशिष्ट अतिथि आईटी कॉलेज गोपेश्वर के निदेशक प्रो. केकेएस मेर और एसआईटी के निदेशक प्रो. वीके सिंह ने किया। कांफ्रेंस का मुख्य विषय न्यू टेक्नोलॉजिकल ओपरच्यूनिटिज इन नेटवर्किंग एंड साइंसेज था। इसमें छात्र-छात्राओं को वर्तमान भौगोलिक परिवेश में विज्ञान और नेटवर्किंग के विभिन्न आयामों के बारे में बताया गया। वक्ताओं ने कांफ्रेंस से निकलने वाले ज्ञान को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने का अनुरोध किया।
प्रो. केकेएस मेर ने उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप विज्ञान की उपयोगिता के बारे में बताया। प्रो. वीके सिंह ने तकनीकी द्वारा स्वरोजगार एवं इंटरप्रन्योरशिप के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। कांफ्रेंस में विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से करीब 180 शोधपत्र एवं मॉडल प्रस्तुत किए गए। कांफ्रेंस का संचालन प्रो. अखिलेश सिंह, डॉ. ज्योति जोशी, डॉ. पंकज बिष्ट, डॉ. भगवती प्रसाद जोशी ने किया।