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अंकतालिका के लिए भटक रहे छात्र

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पिथौरागढ़। राजकीय महाविद्यालय के कई छात्र अंकतालिका के लिए भटक रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन अंकतालिकाएं महाविद्यालय भेजने की दलील दे रहा है। जबकि महाविद्यालय प्रशासन अंकतालिका न मिलने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहा है।

राजकीय महाविद्यालय में कई छात्रों को अंकतालिका न मिलने के मामले सामने आए हैं। बस्ते निवासी सुनीता चंद ने वर्ष 2012 में स्नातक कर लिया था। उन्हें अभी तक अंकतालिका नहीं मिल पाई है। इसके लिए छात्रा ने कुुविवि और महाविद्यालय के कई चक्कर काटे। बाद में छात्रा ने कुविवि और महाविद्यालय से आरटीआई के तहत अंकतालिका के संबंध में जानकारी मांगी। जवाब में कुविवि के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि अंक तालिका आठ अगस्त 2012 को ही महाविद्यालय भेज दी गई थी। महाविद्यालय के परीक्षा विभाग से संपर्क करने पर उसने अंक तालिका न मिलने का जवाब देकर पल्ला झाड़ लिया। जीआईसी गेट निवासी छात्र आशीष उपाध्याय को भी महाविद्यालय से अंक तालिका नहीं मिली है। कुमायूं विवि का अंकतालिका को 11 दिसबंर 2017 को ही महाविद्यालय को भेजने की बात कह रहा है। महाविद्यालय के परीक्षा विभाग में यह नहीं मिल पा रही है। छात्रसंघ अध्यक्ष महेंद्र रावत का कहना है कि कुविवि और महाविद्यालय की लापरवाही से छात्रों का भविष्य चौपट हो रहा है।
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आरटीआई लगाई तो अंकतालिका आई
कई छात्र-छात्राओं की अंक तालिकाएं सूचना का अधिकार के तहत सूचना लेने के बाद आई है। झूलाघाट निवासी मनीषा, उषा राठौर, दीपा भट्ट, नीतू परिहार, कुमौड़ निवासी अंजलि चंद आदि छात्र-छात्राओं ने कुविवि में आरटीआई दाखिल की। इसके कुछ समय बाद उनके दिए पते पर अंकतालिका पहुंच गई।
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कोट
कई छात्रों के समक्ष अंकतालिका न मिलने की समस्या सामने आई है। परीक्षा विभाग को अंकतालिका उपलब्ध कराने को कहा है। जिनके अंक पत्र अभी तक नहीं आए हैं उसके संबंध में कुविवि प्रशासन से संपर्क साधा है। छात्रों को जल्द ही अंकतालिकाएं मिल जाएंगी।
-डॉ डीएस पांगती, प्राचार्य, स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पिथौरागढ़
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