पिथौरागढ़। इस वित्तीय वर्ष में जिले की 40 ग्राम पंचायतों का ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए चयन किया गया है। इन ग्राम पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन की कार्ययोजना बनाई जाएंगी। इस कार्ययोजनाओं से जल संरक्षण और वनों की सुरक्षा को भी जोड़ा जाएगा। इससे पहले ग्राम पंचायतों में खुली बैठक में कार्यशाला का आयोजन कर ग्रामीणों को प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। गांवों में सहभागिता के आधार पर स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
बुधवार को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर जिला पंचायत सभागार में एक दिवसीय प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें अधिकारियों ने पावर प्रजेंटेशन के जरिये ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की जानकारी दी। मुख्य विकास अधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में जिले की 40 ग्राम पंचायतों को अपशिष्ट प्रबंधन के लिए चुना गया है। पिछले वर्ष 17 पंचायतों का चयन हुआ था।
इनमें से नौ में अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना तैयारी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि चयनित पंचायतों में कार्यशाला का आयोजन कर ग्रामीणों को अपशिष्ट प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। हर गांव में स्थानीय आबादी की सहभागिता से श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान पीडी डीडी पंत, स्वजल प्रबंधक रविंद्र भट्ट, डीडीओ गोपाल गिरी, मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी समेत कई ग्राम प्रधान थे।
महादेव धारे की सफाई की
स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों ने डीएम सी रविशंकर के नेतृत्व में बुधवार शाम महादेव धारे में सफाई अभियान चलाया। इस दौरान जल स्रोत के आसपास साफ-सफाई की गई। प्रशासन ने क्षेत्रवासियों को जलस्रोत के रखरखाव और संरक्षण के प्रति जागरूक करने की कोशिश भी की। डीएम ने बताया कि स्वच्छता के लिए सरकारी तंत्र के साथ ही स्थानीय आबादी की सहभागिता के आधार पर स्वच्छता की योजनाएं बनाई जाएगी।