झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल सीमा पर स्थित झूलाघाट बाजार की सड़क पर सात साल से डामर नहीं हुआ है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। दोपहिया वाहन चालक अक्सर सड़क पर गिरते रहते हैं। बारिश के समय लोगों को पैदल चलने में भी कठिनाई होती है। मुख्य बाजार की इस सड़क से नेपाल के बैतड़ी, दार्चुला और कंचनपुर जिलों के लोग भी आवाजाही करते हैं। लोक निर्माण विभाग के सामने लोगों ने कई बार इस समस्या को रखा, लेकिन सड़क की दशा सुधारने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया।
बताया गया कि सात वर्ष पहले इस सड़क पर चौड़ीकरण और डामरीकरण का काम एक साथ हुआ था। तब ठेकेदार ने काम को अधूरा छोड़ दिया। सड़क के सुधारीकरण के मुद्दे पर काफी विवाद भी हुआ था। अब मुख्य बाजार में प्रवेश करने से पहले डमरू बैंड से गड्ढों की भरमार है। गर्मियों के मौसम में धूल और बारिश में कीचड़ लोगों का जीना मुश्किल करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय महत्व के इस कस्बे की सड़क को बदतर हालत में छोड़ना विभाग की लापरवाही को दर्शाता है।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता एनसी जोशी का कहना है कि सड़क की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाया गया है। मूनाकोट ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष झूलाघाट निवासी भूपेंद्र चंद ने कहा कि डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र के इस सबसे बड़े कस्बे की उपेक्षा सरकार और विभाग की अदूरदर्शिता का परिणाम है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि विधायक भी इस ओर ध्यान नहीं देते। उन्होंने कहा कि अब सड़क के मुद्दे पर आंदोलन चलाया जाएगा।