थल-मनस्यारी के हरड़िया में वैली ब्रिज की लंबाई बढ़ाने के बाद यातायात सुचारु हो गया
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थल-मुनस्यारी मार्ग पर रातीगाड़ में 40 मीटर सड़क का पता नहीं है। मार्ग को बंद हुए 10 दिन से अधिक समय हो गया है। 150 मीटर सड़क पूरी तरह से मलबे से पटी है। वहीं, कक्कड़ सिंह बैंड पर नीचे की ओर से भूस्खलन होने से सड़क ध्वस्त हो गई है। अलबत्ता हरड़िया वैली ब्रिज की लंबाई बढ़ाने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई हैै।
मुनस्यारी सड़क पर रातीगाड़ में भारी मात्रा में मलबा है। बार-बार मलबा गिरने से लोगों को आवागमन में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हरड़िया वैली ब्रिज के पास भी भूस्खलन होने से लोनिवि ने पुल की लंबाई बढ़ा दी हैै। हरड़िया में काम खत्म कर टीम दोपहर बाद रातीगाड़ को रवाना हुई। पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। लोनिवि डीडीहाट के उपखंड अधिकारी सरफराज आलम, जेई योगेश चौबे ने नाचनी में ही डेरा डाला है। रातीगाड़ के पास 40 मीटर सड़क का पता नहीं है।
यहां मलबा हटाकर और पहाड़ी काटकर सड़क बनाई जानी है, यदि क्षेत्र में बारिश नहीं हुई तो यहां सड़क को सुचारु करने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है। कक्कड़ सिंह बैंड पर सुबह सड़क के नीचे की सपोटिंग दीवार ध्वस्त हो गई। सड़क थल से रसियाबगड़ तक 17 किमी में ही खुली है। रातीगाड़ से छह किमी आगे कक्कड़ बैंड तक लोगों को पैदल यात्रा करनी पड़ रही है। होकरा में 24 अगस्त से 10 वाहन फंसे हैं। मसूरी कांठा से होकरा के बीच कई स्थानों पर दीवारें ढह गई हैं। लोगों को जरूरी कार्यों के लिए होकरा से नाचनी तक 30 किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है।
मुनस्यारी में विद्युत आपूर्ति बहाल
नाचनी। मुनस्यारी में मंगलवार तड़के से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। शाम को एक घंटे के लिए बिजली आपूर्ति रही, इसके बाद से क्षेत्र अंधकार में डूब गया। यूपीसीएल के अवर अभियंता बहादुर सिंह गनघरिया ने बताया कि तेजम के पास डबल पोल गिरने से आपूर्ति बाधित हुई है। बुधवार को विद्युत कर्मी नाचनी से भारी पोलों को ढोकर तेजम पहुंचे और विकट परिस्थितियों में बिजली आपूर्ति सुचारु की।