हेलीकाप्टर से मिलम जाते पांगती
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एमईएस में कार्यरत देवराज सिंह पांगती रविवार को 36 साल बाद अपनी जन्मभूमि मिलम पहुंचे। यह सौभाग्य उन्हें मुनस्यारी से मिलम हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से मिला। एक घंटा वह मिलम में रहे। 36 साल बाद गांव जाकर वह बेहद खुश हुए। कई साथी उनको मिले। उनके साथ एलआईसी में आफीसर हुकुम सिंह रावत और अल्मोड़ा में कार्यरत प्लानिंग आफीसर प्रकाश बृजवाल भी हेलीकॉप्टर से मिलम गए। यह दोनों भी अपने गांव कई वर्षों बाद जा पाए।
मुनस्यारी से मिलम की दूरी 64 किमी है, जिसमें कुल 14 किमी गाड़ी का सफर है, शेष पैदल जाना पड़ता है। मिलम निवासी देवराज सिंह पांगती गांव के ही अन्य लोगों की तरह विकट पैदल रास्ता होने के कारण 1980 से अपने गांव नहीं जा पाए थे। नौकरी मिलते ही उन्होंने मिलम गांव छोड़ दिया और हल्द्वानी जाकर बस गए। वह यदाकदा मुनस्यारी तक तो आ जाते, लेकिन मिलम जाने का साहस नहीं कर पाते।
रविवार को मिलम के लिए उन्होंने हेलीकॉप्टर से सफर किया। रविवार को दूसरे दिन हेलीकॉप्टर ने मुनस्यारी से मिलम के लिए उड़ान भरी। विधायक प्रतिनिधि हीरा सिंह चिराल ने इन लोगों को रवाना किया। करीब एक घंटा मिलम में रुकने के बाद इन लोगों को लेकर हेलीकॉप्टर वापस मुनस्यारी आ गया। सोमवार को भी हेलीकॉप्टर मिलम के लिए उड़ान भरेगा। उसके बाद हेलीकॉप्टर धारचूला चला जाएगा।
ज्यादा किराया होने से लोग नाराज
मल्ला जोहार विकास समिति के अध्यक्ष राम सिंह धर्मशक्तू ने कहा कि हेलीकॉप्टर का एक तरफ का किराया 5700 रुपये करना बहुत गलत है। सीमांत के गरीब लोग इतना किराया वहन नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि पिछले साल किराया 2300 रुपये था, यदि इस बार किराया कम नहीं किया गया तो आंदोलन करेंगे।
जल्दी होगा किराया कम करने पर फैसला
शासन हेलीकॉप्टर का किराया कम करने का फैसला जल्दी ले लेगी। बताया गया कि सरकार के पास किराया कम करने का प्रस्ताव जा चुका है। प्रस्ताव में मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर होने हैं। विधायक प्रतिनिधि हीरा सिंह चिराल ने वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी के हवाले से बताया कि किराया करीब 1500 रुपये कम होगा। इसका फैसला जल्दी हो जाएगा। कम किराए से आम लोगों को राहत मिलने लगेगी।