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पय्यांपौड़ी के 340 परिवार खुले में करते हैं शौच

Sat, 31 Jan 2015 11:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत का नारा दिया है, लेकिन यह जानकर आश्चर्य होगा कि धारचूला तहसील के अंतर्गत 472 परिवारों वाले पय्यांपौड़ी गांव में आज भी 340 परिवार खुले में शौच करते हैं। गांव में केवल 132 परिवारों ने ही शौचालय का निर्माण कराया है। अब जब व्यापक स्तर पर सफाई की बात हो रही है तो गांव के लोगों को शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया जाने लगा है। स्वजल परियोजना ने लक्ष्य रखा है कि मार्च तक कम से कम 100 और परिवारों के पास शौचालय तैयार हो जाएं।
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पय्यापौड़ी गांव बलुवाकोट से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गांव तक अब वाहनों की आवाजाही होने लगी है। गांव में फल, फूल, साग, सब्जी का उत्पादन खूब होता है। सड़क बनने के बाद लोगों की आजीविका में सुधार तो आया लेकिन सफाई के प्रति चेतना का विकास नहीं हुआ। अधिकांश परिवार आज भी खुले में शौच करते हैं। लाजिमी है कि इससे प्रदूषण फैलेगा।

इस बीच गांव के कुछ नौजवानों ने लोगों को प्रेरित करने का काम किया। उन्होंने लोगों को खुले में शौच से होने वाले नुकसान की जानकारी दी। इस बीच 25 परिवारों ने खुद के संसाधनों से शौचालय निर्माण का काम शुरू कर दिया है।
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जीवन ने किया गांव के लोगों को प्रेरित
पिथौरागढ़। पय्यांपौड़ी निवासी युवा समाजसेवी जीवन ठाकुर ने गांव के लोगों को प्रेरित करने का काम किया है। मास्टर आफ सोशियल वर्कर का डिप्लोमा प्राप्त जीवन का कहना है कि गांव के लोग समझाने पर आसानी से समझ जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब लोगों को स्वजल परियोजना के माध्यम से शौचालय बनाने के लिए धन दिलाया जाएगा। उनकी स्वजल परियोजना के प्रबंधक दीप चंद्र पुनेठा से बात हो गई है। हर परिवार को शौचालय बनाने के लिए 12 हजार रुपए की राशि दी जाएगी।
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