पिथौरागढ़/डीडीहाट। कैलाश मानसरोवर यात्रा का 10वां दल मंगलवार को भी मौसम खराब होने से गुंजी नहीं पहुंच पाया। यात्रियों को लेकर गुंजी के लिए उड़ा हेलीकॉप्टर उच्च हिमालयी क्षेत्र में धुंध के चलते पांगला से लौट आया। गुंजी में पिछले पांच दिनों से फंसे यात्रियों में अब बेचैनी बढ़ने लगी है। यात्रियों के परिजन भी आईटीबीपी कंट्रोल रूम में लगातार फोन कर जानकारी ले रहे हैं।
10वें दल के यात्रियों को लेकर मंगलवार की सुबह नैनीसैनी से वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर ने गुंजी के लिए उड़ान भरी। पांगला, छियालेख, गर्ब्यांग में छाई धुंध के चलते हेलीकॉप्टर आगे नहीं बढ़ पाया और नैनीसैनी लौट आया। यात्रा के नोडल अधिकारी दिनेश गुरुरानी ने बताया कि मौसम ठीक होने पर यात्रियों को बुधवार को गुंजी ले जाया जाएगा।
आईटीबीपी कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार सातवें दल के यात्री पांचवें दिन भी गुंजी में ही फंसे रहे। यात्रियों में अब बेचैनी बढ़ने लगी है। यात्रियों के परिजन भी लगातार फोन कर उनके सकुशल होने की जानकारी ले रहे हैं। आठवां दल डेरापुक पहुंच गया है। 9वें दल के यात्री अभी तकलाकोट में हैं। यात्री बुधवार को तकलाकोट से दार्चिन को रवाना होंगे।
नैनीसैनी हवाई पट्टी पर रोपा पौधा
पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा के नोडल अधिकारी दिनेश गुरुरानी के नेतृत्व में वायुसेना के कर्मचारियों ने नैनीसैनी हवाई पट्टी परिसर में एक पौधा धरती मां के नाम लगाया। साथ ही उन्होंने हिमालय बचाओ अभियान की भी शपथ ली। इस मौके पर नंदन सिंह, बाबूराम, एसएस तोमर, यश मालवीय, अजय शर्मा, वेदप्रकाश, भूपेंद्र सिंह, कुलदीप, राहुल, रौनक, सोनी आदि मौजूद रहे।